बालोद| जिले के वनांचल क्षेत्रों में संचालित कई प्राथमिक शाला भवन जर्जर है। स्कूल भवनों की हालत खराब होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई स्कूलों की छत टपकती है, दीवारों में दरारें हैं और फर्श भी टूट-फूट चुका है। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, नए भवन स्वीकृत किए जाएं या जर्जर भवनों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए। -लोमश साहू, बालोद


