प्रदेश के वानिकी पर मंथन के बाद वन विभाग अब वन्यजीव प्रबंधन क्षेत्रों में सुधार लाने और वन प्रबंधन को जनोन्मुखी बनाने पर मंथन कर रहा है। इसके लिए फील्ड के अधिकारियों से सुझाव लिए जा रहे हैं और इन सुझावों के आधार पर भविष्य में नए प्रोटोकॉल तैयार किए जाएंगे। इन प्रोटोकॉल का उद्देश्य वन्यजीवों के लिए बेहतर रहवास सुनिश्चित करना और उन्हें किसी भी तरह के खतरे से बचाते हुए लोगों की जीवन-चर्या से जोड़ना है। वन और वन्यजीव प्रबंधन के क्षेत्रों में सुधार के लिए वन अधिकारियों की टीम आज से दो दिवसीय मंथन कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस कार्यक्रम में वन प्रबंधन को जनोन्मुखी बनाने के लिए नए प्रोटोकॉल पर चर्चा हो रही है। शुक्रवार और शनिवार को चलने वाले इस मंथन कार्यक्रम का आयोजन अपेक्स बैंक सभागार में किया जा रहा है। इसमें सभी मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), मंडल वन अधिकारी (डीएफओ), और टाइगर रिजर्व के संचालकों को बुलाया गया है। यह उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह वानिकी सम्मेलन और आईएफएस सर्विस मीट के दौरान प्रदेश के सभी जूनियर और सीनियर अधिकारियों ने वानिकी व्यवस्था में सुधार के लिए मंथन किया था।


