राजस्थान में मानव वन्यजीव संघर्ष के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति के आश्रितों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। यह जानकारी राजस्थान विधानसभा में वन मंत्री संजय शर्मा ने बजट सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में दी। विधानसभा में दी गई आधिकारिक जानकारी राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बाड़ी विधायक जसवंत सिंह ने वन मंत्री संजय शर्मा से सवाल किया कि जंगली जानवरों के हमलों से इंसानों और पशुधन को होने वाले नुकसान की स्थिति में सरकार की क्या मुआवजा व्यवस्था है। इसके जवाब में वन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशीलता के चलते मुआवजा राशि में बढ़ोतरी की गई है। पहले पांच लाख, अब दस लाख का प्रावधान वन मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि साल 2022 के प्रावधानों के अनुसार जंगली जानवरों के हमले में मौत होने पर मृतक के आश्रितों को पांच लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता था। अब इस राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया गया है, जिससे प्रभावित परिवारों को अधिक राहत मिल सकेगी।
सवाई माधोपुर में सबसे ज्यादा मामले सवाई माधोपुर जिले में रणथंभौर टाइगर रिजर्व की पेरीफेरी में मानव और वन्यजीव संघर्ष के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। यहां टाइगर और लेपर्ड के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में लेपर्ड के हमले में 7 साल के बालक विक्रम बंजारा की मौत हुई थी। इससे पहले भी टाइगर हमलों में कई लोगों की जान गई है, जिनके परिजनों को अब तक पांच लाख रुपए का मुआवजा दिया गया था। प्रभावित परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ मुआवजा राशि बढ़ाए जाने के बाद अब ऐसे मामलों में मृतक परिवार के आश्रितों को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलेगी। राज्य सरकार के इस फैसले से सवाई माधोपुर सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में मानव वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को अधिक सहायता मिल सकेगी।


