दक्षिण पन्ना वनमंडल के शाहनगर क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने एक घायल चीतल का सफल रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई है। उचित इलाज और देखभाल के बाद पूरी तरह स्वस्थ होने पर बुधवार, 4 मार्च को चीतल को वापस जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। गांव में घुस था घायल चीतल जानकारी के अनुसार, करीब तीन दिन पहले ग्राम आमा में एक चीतल भटककर घुस आया था, जिसके सींग में गंभीर चोट लगी थी। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी राजुल कटारे के निर्देश पर वन रक्षकों और कर्मचारियों की एक टीम मौके पर पहुंची और घायल चीतल को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। तीन दिन तक चला उपचार रेस्क्यू के बाद चीतल को वन विभाग की निगरानी में रखा गया, जहां पशु चिकित्सक द्वारा उसका गहन उपचार किया गया। वन रक्षक रजनीश दुबे ने बताया कि चीतल की चोट का लगातार तीन दिनों तक इलाज किया गया, जिससे उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। बुधवार को डॉक्टरों ने जब उसे पूरी तरह तंदुरुस्त घोषित कर दिया, तब विभाग ने उसे जंगल में आज़ाद करने का फैसला लिया। इस पूरे रेस्क्यू और उपचार अभियान में वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। परिक्षेत्र सहायक राम सरोवन पांडे, बीट गार्ड रजनीश दुबे, सुशील कुमार वर्मा और उनकी टीम ने पूरी संवेदनशीलता के साथ चीतल की देखभाल की। स्थानीय ग्रामीणों ने भी वन विभाग के इस कार्य की सराहना की है और वन्यजीवों की सुरक्षा में हरसंभव सहयोग देने का संकल्प लिया है।


