ओडिशा के क्योंझर जिला जोड़ा खनन क्षेत्र में ठकुरानी आयरन ओर माइंस (एमएनएस), संचालित आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया पर वन विभाग ने गंभीर पर्यावरणीय और वन कानून उल्लंघनों के लिए शो कॉज कर नोटिस जारी किया है। निरीक्षण में दिखा कि प्रमुख उल्लंघन में ठकुरानी-नालदा रोड और नालदा-कीरीबुरु चौक पर पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है, जिससे भारी धूल उड़ रही है। पार्किंग स्थलों पर भी पानी का छिड़काव नहीं होने से धूल उत्सर्जन और बढ़ा है। संरक्षित वन भूमि से होकर गुजरने वाली सड़क का उपयोग बिना वन विचलन स्वीकृति के किया जा रहा है, जो वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 का उल्लंघन है। दो वर्ष पूर्व निर्देशित एवेन्यू प्लांटेशन का रख-रखाव बेहद खराब, जीवित पौधों की दर 50% से भी कम है। वाहनों की आवाजाही अनियंत्रित होने से आसपास के गांवों में गंभीर वायु प्रदूषण हो रहा है। जोड़ा शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से स्थानीय सरपंच द्वारा ग्रामीणों में श्वसन रोगों की बढ़ती समस्या की शिकायत की गई है। पर्यावरणीय प्रबंधन कार्य (गारलैंड ड्रेन, डंप स्थिरीकरण, रिटेनिंग वॉल) अधूरे और लापरवाहीपूर्ण पाया गया। वन विभाग ने कंपनी को 15 दिनों के भीतर कारण बताने का निर्देश दिया है। साथ ही उसने कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वन विभाग ने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने, सभी सड़क और पार्किंग स्थलों पर नियमित पानी का छिड़काव। वाहनों की आवाजाही नियंत्रित कर धूल प्रदूषण कम करने का आदेश दिया है। वन भूमि का उपयोग तुरंत बंद करना है जब तक वैधानिक स्वीकृति प्राप्त न हो। एवेन्यू प्लांटेशन का पुनः रोपण और कम से कम 90 प्रतिशत जीवित पौधों की सुनिश्चित करना है। फोटो सहित अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने जेसा निर्देश दिया है। यह कार्रवाई वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों और ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दिए गए संचालन सहमति के शर्तों के उल्लंघन पर आधारित है। यह मामला न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि स्थानीय जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है।


