अमृतसर | पंजाब के अमृतसर-तरनतारन सीमा पर स्थित गांव वरपाल को शहीदों की धरती कहा जाता है। लगभग 7 किलोमीटर के दायरे में बसे 9 हजार की आबादी वाले इस गांव की खास पहचान है कि यहां 29 गुरुद्वारा साहिब हैं, जो सन 1757 में बाबा दीप सिंह की फौज और अहमद शाह अब्दाली के बीच हुई जंग के शहीदों की याद में बने हैं। आज 269 साल बाद भी गांव के लोग इन पवित्र स्थलों की पूरी श्रद्धा से सेवा-संभाल करते हैं। साल भर यहां शहीदी जोड़ मेले, दीवान और गुरमत समागम आयोजित किए जाते हैं। सरपंच सरदूल सिंह के अनुसार, यहां की मिट्टी ही शहीदों की याद दिलाती है और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का जज्बा पैदा करती है। इसी वजह से वरपाल को दुनिया का ऐसा अनोखा गांव माना जाता है, जहां शहादत की स्मृति में इतनी बड़ी संख्या में गुरुद्वारा साहिब एक साथ मौजूद हैं। {शेष पेज 3 पर


