वर्किंग वुमन के लिए 100 बेड का सरकारी हॉस्टल बनेगा

भास्कर न्यूज | जालंधर सिटी में कामकाजी महिलाओं की आवासीय समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। गांधी वनिता आश्रम में एक अत्याधुनिक वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यहां पर महिलाओं के 100 बेड रहेंगे, जिसमें डोरमैट्ररी, सिंगल और डबल बेड के रूम की सुविधा भी मिलेगी। यहां तक कि महिलाएं अपने छोटे बच्चों को भी साथ रख सकेंगी। इसके लिए हॉस्टल में सरकारी रेट पर रूम रेंट तय होगा। इस हॉस्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य दूसरे शहरों से आकर जालंधर में नौकरी करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करना है। योजना के दूसरे चरण (सेकेंड फेस) के लिए अनुमानित राशि लगभग 5 करोड़ से काम होगा। इस हॉस्टल के बनने से जालंधर में आत्मनिर्भर महिलाओं को न केवल छत मिलेगी, बल्कि गांधी वनिता आश्रम के सुरक्षित घेरे में उन्हें घर जैसा माहौल भी मिल सकेगा। हॉस्टल का डिजाइन भविष्य की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसमें ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल और द्वितीय तल का निर्माण शामिल है। योजना के अनुसार, निर्माण एजेंसी को 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक फ्लोर का काम पूरी तरह संपन्न कर हैंडओवर करना होगा। इस संबंध में ड्रिस्टिक प्रोग्राम ऑफिसर मनजिंदर सिंह ने कहा कि वर्किंग वुमन हॉस्टल में महिलाओं के लिए 100 बेड रहेंगे। नए हॉस्टल में 100 बेड होंगे। महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक मैस, सुसज्जित रसोईघर और उच्च गुणवत्ता वाले शौचालयों का निर्माण भी किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी ने अब तक परियोजना का 35 फीसदी काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। वॉटर कूलर लगेगा : सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए कैंपस और सिक्योरिटी लाइटिंग का पुख्ता इंतजाम किया गया है। कमरों में वॉल फैन और वेंटिलेशन के लिए हैवी ड्यूटी एग्जॉस्ट फैन लगाए जाएंगे। साथ ही, शुद्ध पेयजल के लिए वाटर कूलर भी लगाया जाएगा। फ्लोरिंग : परिसर में ग्रीन मार्बल टाइल्स और विट्रीफाइड टाइल्स का उपयोग किया जाएगा। फर्नीचर : कमरों में सामान रखने के लिए मजबूत स्टील की अलमारियों की फिटिंग की जाएगी। फिटिंग : दरवाजों में डबल एक्शन हाइड्रोलिक फ्लोर स्प्रिंग लगेंगे ताकि आवाजाही सुगम हो।

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