मुंबई हमले (26/11) के दोषी तहव्वुर राणा ने प्रत्यर्पण के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। राणा की याचिका पर सुनवाई के लिए 4 अप्रैल 2025 की तारीख तय की गई है। उसने प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की अपील दोबारा दायर की है। इससे पहले जस्टिस एलेना केगन ने उनकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी। राणा ने दावा किया कि भारत प्रत्यर्पित होने पर उनकी जान को खतरा है, क्योंकि वह पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम है और मुंबई हमलों से जुड़े आरोपों के चलते उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, उन्होंने अपनी बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए कहा कि वह मुकदमे तक जीवित नहीं रह पाएंगा। इससे पहले फरवरी में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राणा के भारत प्रत्यर्पण की घोषणा की थी। राणा पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का सहयोगी रहा है। राणा से जुड़ी पूरी खबर यहां पढ़ें… अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… चीन ने कनाडा के 4 नागरिकों को फांसी दी; ड्रग्स से जुड़े मामलों में सजा मिली चीन ने हाल ही में चार कनाडाई नागरिकों को मौत की सजा दी है। कनाडा के विदेश मंत्री मेलानी जोली ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इन नागरिकों को ड्रग्स से जुड़े मामलों में फांसी दी गई। कनाडा की सरकार ने इन फांसियों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि उसने कई बार दया याचना की थी, लेकिन चीन ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इस कदम के बाद कनाडा और चीन के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंध और बिगड़ सकते हैं। हाल ही में दोनों देशों ने एक-दूसरे के व्यापार पर शुल्क बढ़ाने के फैसले लिए थे, जिससे व्यापारिक विवाद और गहरा गया था।


