वाराणसी जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर जाल्हूपुर गांव में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट विद्युत पशु शवदाह गृह अब जंग खा रहा है। इस शव दाह गृह में आज तक एक भी जानवर नहीं जलाया गया। उसके बावजूद मार्च 2024 से अक्टूबर 2024 तक इसका बिल लगभग 3 लाख 67 हजार का आया है। बिल के भुगतान न होने की स्थिति में इसका कनेक्शन भी नवंबर महीने में काटा जा चुका है। ऐसे में 2 करोड़ 24 लाख की यह परियोजना जो प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है अधर में लटकी है। जिला पंचायत कार्यालय की मानें तो कार्यदायी संस्था आज तक इसे हैंडओवर ही नहीं कर पाई है। दैनिक भास्कर ने 10 महीने पहले पड़ताल की थी। इस पड़ताल के बाद सीडीओ हिमांशु नागपाल ने जिला पंचायत के अधिकारियों से जवाब मांगा था और जल्द से जल्द इसे शुरू करवाने को कहा था पर आज भी इसकी मशीनें धूल और जंग खा रहीं हैं। साथ ही बिजली का कनेक्शन भी काट दिया गया है। ऐसे में दैनिक भास्कर ने एक बार फिर इस विद्युत शवदाह गृह की पड़ताल की। क्या यह पशु शवदाह गृह स्टार्ट हुआ? आखिर बिजली क्यों काटी गयी ? के सवाल पर केयर टेकर और बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत की…पेश है जाल्हूपुर से ग्राउंड रिपोर्ट… सबसे पहले जानते हैं 2.24 करोड़ के इस प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति क्या है… सड़के धंस गयी हैं, मशीनों में लग रहा है जंग
जाल्हूपुर मुख्य मार्ग से हटकर गंगा के करीब बने इस प्लांट की दशा अब खराब होने की कगार पर है। यहां जाने वाली सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इसके अलावा बंद होने की वजह से इसके अंदर लगी करोड़ों की मशीन अब जंग खा रही है। इसमें चार तरफ से मोटर लगी है जिससे शव जलाने का काम लिया जाना था लेकिन वो भी अब जंग खा रही हैं। केयर टेकर रमाशंकर यादव ने बताया – साहब जब बंद रहेगा तो जंग तो लगेगा ही। आज भी बंद है ताला
10 महीने पहले भी दैनिक भास्कर जब यहां पहुंचा था तो ताला बंद था और आज भी यहां ताला बंद था। हम रमाशंकर यादव की पाही पर पहुंचे। यहां गुड़ बनाने की तैयारी चल रही थी। रमाशंकर देखते ही पहचान गए और बोले- आईये बाबू; ये तो चला नहीं और हमें भी आज तक एक फूटी कौड़ी नहीं मिली। आप खबर चलाएंगे कुछ दिन चहल पहल रहेगी। अधिकारी आएंगे लेकिन फिर वही होगा यह चालू नहीं होगा। काट दी गयी है बजली
रमाशंकर यादव ने बताया- हमें हर महीने बिजली का बिल मिलता है। जिसके बाद हम चड्ढा जी (सीकॉन पोल्यूटेक सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड) जो कार्यदायी संस्था के मैनेजर हैं। उन्हें बता देता हूं। अक्टूबर महीने में 3 लाख 67 हजार का बिल आया था। उसे भी बता दिया था। ओर दो ही दिन बाद बिजली काट दी गई है। अब जानिए बिजली विभाग के अधिकारियों ने क्या कहा? और कब काटी गयी बिजली… नवंबर में कटा कनेक्शन
इस संबंध में जाल्हूपुर पवार हॉउस के जेई प्रिंस कुमार ने बताया- जाल्हूपुर विद्युत शव दाह गृह का बिजली का बिल काफी बकाया है। अक्टूबर माह तक इसका बिल 3,67,131 रुपए है। ऐसे में नवंबर महीने में वहां का बिजली का कनेक्शन काट दिया गया है। यहां कनेक्शन विद्युत पशु शव दाह गृह के नाम से लिया गया है। डिवीजन स्तर से भेजा गया है पत्र
जेई ने बताया- सरकारी स्थलों पर बिजली बिल बकाये का पत्राचार के माध्यम से डिवीजन स्तर पर लेटर भेजा जाता है। लेटर भेजा गया है। उन्होंने संभवता नेक्स्ट मंथ जमा करने का आश्वासन दिया है। यहां 40 किलोवाट का कनेक्शन लगाया गया है। अब जानिए कब बनकर हुआ था तैयार ? क्या हो पाया उद्घाटन ?…. साल 2022 से बनना हुआ था शुरू
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों की काशी लगातार साकार हो रही है। लेकिन कार्यदायी संस्था और जिला पंचायत की लापरवाही से एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधर में लटका पड़ा है। प्रोजेक्ट है जाल्हूपुर में बना यूपी का पहला विद्युत पशु शवदाह गृह। आज तक इसका उद्घाटन इसलिए नहीं हो सका क्योंकि इसका हैंड ओवर अभी तक जिला पंचायत को नहीं मिला है। 9 बिस्वा जमीन में विद्युत पशु शवदाह गृह का निर्माण कराया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी मिलने के बाद 2022 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता खत्म होते ही इसका कार्य शुरू हो गया था। फरवरी 2023 में बनकर हुआ तैयार
कार्यदायी संस्था ने निर्माण फरवरी 2023 में पूरा कर लिया था। उस समय भी प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे पर यह कयास लगाए जा रहे थे कि इसका उद्घाटन होगा। पर यह संभव नहीं हो पाया और लोकार्पण नहीं हुआ। इसके बाद भी प्रधानमंत्री ने वाराणसी के और भी दौरे किए लेकिन फिर भी उद्घाटन नहीं हुआ। नहीं मिल रहा पैसा
रमाशंकर रोज रात में इसी विद्युत शवदाह गृह में ही सोते हैं। कार्यदायी संस्था ने 5 हजार रुपए देने का प्रतिमाह वादा किया था लेकिन कोई कागजी लिखा पढ़ी नहीं है। ऐसे में दो साल में सिर्फ तीन बार कैश पैसा मिला है। रमाशंकर ने बताया कि जब चड्ढा जी को फोन करता हूं तो वो कहते हैं पंचायत कार्यालय से हमें पेमेंट नहीं मिला है इसलिए आप को पैसे नहीं दे पा रहे हैं। मिलते ही भुगतान करेंगे। ———————— ये खबर भी पढ़िए- कुंदरकी मॉडल पर होगा मिल्कीपुर उप चुनाव: सरकार ने तैनात की छह मंत्रियों की टीम अयोध्या जिले के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ हो सकता है। मिल्कीपुर उपचुनाव जीतने के लिए योगी सरकार और भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। सरकार और संगठन के स्तर पर सैद्धांतिक सहमति बनी है कि उपचुनाव जीतने के लिए कुंदरकी मॉडल अपनाया जाएगा। सरकार ने 6 मंत्रियों की टीम उतार दी है। पढ़ें पूरी खबर…


