वाराणसी के सिगरा स्थित एक होटल के द्वितीय तल पर महिंद्रा कोटेक लाइफ फाइनेंस कंपनी के आफिस में आग लग गई। रविवार देर रात शॉर्ट सर्किट से आग लगने के बाद हड़कंप मच गया। मेन स्विच बोर्ड में उठी चिंगारियों ने आग पकड़ ली और अंदर रखे कागजों के साथ विकराल हो गई। कांच के शीशों से धुंआ उठता देखकर एक युवक ने सामने थाने में सूचना दी। जानकारी के बाद पहुंचे पुलिसकर्मियों ने कंट्रोल रूम और फायर बिग्रेड चेतगंज को घटना की सूचना दी। आनन फानन में पहुंचे अन्य पुलिसकर्मी भी आग बुझाने में जुट गए। बिल्डिंग के ऊपर कई तल पर होटल होने चलते पुलिस ने फायर अलार्म बजाया और सभी 23 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग प्रथमतल पर फस्टक्राई बेबी प्रोडक्ट शोरूम तक पहुंच गई, जिसे रोकने और बुझाने में दमकल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गई। दमकल की दो गाड़ियों ने कुछ देर में आग पर काबू पाया। इसके बाद बंद शटर को खोला गया और उसमें उठती चिंगारी भी बुझाई गई। एसीपी चेतगंज गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुटे रहे। जानकारी पाकर बिल्डिंग के मैनेजर, कॉप्लेक्स के अन्य दुकान मालिक भी मौके पर पहुंच गए। सिगरा थाने के पास आमने-सामने एक प्रसिद्ध समूह के होटल है, इनके नीचे तल पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स हैं और ऊपर कमरे हैं। इसके ग्राउंड फ्लोर पर एक कंपनी ने बेबी प्रोडक्ट और द्वितीय तल पर महिंद्रा कोटेक फाइनेंस कंपनी का आफिस है। रविवार के चलते आफिस बंद था, दिन में कुछ कर्मचारी आए थे फिर शाम को बंद करके चले गए। रविवार रात 1 बजे के आसपास शॉर्ट सर्किट से आफिस में आग लग गई। शीशों के अंदर आग और धुंआ उठता देखकर एक युवक ने थाने के चौकीदार को सूचना दी और फिर पुलिस कर्मियों को जानकारी दी। आनन फानन में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मौके नजाकत भांपी और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इसके साथ ही होटल के फायर फाइटिंग सिस्टम को एक्टिवेट करते हुए आग बुझाने में जुट गए। हालांकि कुछ देर में फायर कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस की तत्परता से होटल के गेस्ट और कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। आग लगने की ओर ही निकास होने के कारण फायर कर्मचारियों को असुविधा भी हुई। हालांकि एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाकर बुझा दिया गया गया। आग में लाखों रुपये का माल जल गया और काफी सामान का नुकसान हो गया। सीओ चेतगंज गौरव कुमार ने राहत बचाव कार्य के दौरान होटल के सभी कमरों और प्रभावित आफिस में गहन निरीक्षण भी किया। आग बुझने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। होटल के कमरों में रुके थे 23 यात्री होटल बुद्धा स्टे की बिल्डिंग के ऊपरी तल पर बने कमरों में रविवार को 22 यात्री और एक बच्ची की इंट्री थी। मौके पर पहुंचे एसीपी गौरव कुमार ने होटल के सभी कमरों को खाली कराया। आग और फायर सायरन के बाद यात्री घबरा गए थे और एक मासूम बच्ची बेहद सहम गई थी। पुलिसकर्मियों ने सभी को सुरक्षित बाहर पहुंचाया। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान इंश्योरेंस कंपनी कोटेक के शोरूम के शीशे तोड़ने पड़े, जिसके बाद धुंआ बाहर निकला सका। दो दमकल वाहनों ने आग पर काबू पाया, इसके बाद बिल्डिंग की सभी दुकानों को भी चेक किया गया।


