डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा ब्लॉक स्थित बड़गामा के गवर्नमेंट गर्ल्स हॉस्टल में सरकारी राशन के दुरुपयोग और एक महिला रसोइया को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। छात्रावास की रसोइया सुशीला पत्नी गोपाल परमार ने कलेक्टर से शिकायत कर मामले की जांच की मांग की है। पीड़िता सुशीला ने आरोप लगाया है कि छात्रावास की वार्डन मंजू रोत उन पर छात्राओं के लिए बनने वाली दाल में पानी की मात्रा अधिक करने का लगातार दबाव बनाती हैं। सुशीला के अनुसार ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि उसी राशन से वार्डन के परिवार के सदस्य, कोच, चौकीदार और वार्ड बॉय सहित लगभग 6-7 अन्य कर्मचारी भी प्रतिदिन भोजन कर सकें। रसोइया सुशीला का कहना है कि जब उन्होंने सरकारी राशन का दुरुपयोग करने और बच्चों के हक की दाल को पतला करने से इनकार किया, तो वार्डन ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि वार्डन अब उन्हें पद से हटाने की साजिश रच रही हैं। शिकायत में बताया गया है कि इस विवाद को लेकर 13 फरवरी 2026 को छात्रावास परिसर में 10-12 पंचों की उपस्थिति में एक बैठक हुई थी। पीड़िता का दावा है कि इस बैठक में वार्डन ने सबके सामने स्वीकार किया कि स्टाफ के अन्य लोग भी यहीं खाना खाते हैं, इसलिए दाल पतली बनानी पड़ेगी। पीड़िता ने कलेक्टर से इस मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि छात्राओं को उनके हक का पूरा पौष्टिक आहार मिल सके और कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद हो।


