प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अंबेडकर अस्पताल परिसर में स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में भर्ती मरीज इलाज से ज्यादा खटमलों से परेशान हैं। एसीआई के हर बेड, स्टूल, फाइलें यहां तक की दीवार पर भी खटमल रेंग रहे हैं। आलम यह है कि मरीज न तो दिन में सुकून से बैठ पा रहे हैं और न तो रात में सो पा रहे हैं। रातभर मरीज यहां खटमल मारते रहते हैं। उनकी नींद भी पूरी नहीं हो पा रही है। दैनिक भास्कर टीम जब सोमवार को यहां के जनरल वार्ड में पहुंची तो कई मरीज खटमल मारते नजर आए। बेड और स्टूल में वह खटमल ढूंढ़कर मार रहे थे, ताकि रात में उन्हें राहत मिल सके। इस दौरान उन्होंने भास्कर टीम को बिस्तरों की सिलाई और गद्दों के नीचे की ओर इशारा किया, जहां खटमल रेंगते दिखाई दिए। कुछ स्टूल और बेड के हेड बोर्ड पर भी कीड़े चिपके नजर आए। मरीजों ने बताया कि रात 11 बजे के बाद वार्ड की लाइटें धीमी होते ही उनकी बेचैनी बढ़ जाती है। एक मरीज ने गद्दे का चादर उठाकर दिखाया तो नीचे खटमल भागता नजर आया। एक परिजन चादर झाड़ता दिखा। मरीजों का कहना है कि जैसे ही नींद आती है, शरीर पर जलन और काटने का अहसास शुरू हो जाता है। रातभर खुजली में कटती है, सुबह थकान अलग। रातभर चादर झाड़ते और खटमल मारते रहते हैं। काटने पर शरीर में फोड़े आ जाते हैं, वहां फिर लाल दाने उभर आते हैं।
पहले मच्छर, अब खटमल से परेशान
जब यहां पहले दिन आए तो लगता था मच्छर काट रहे हैं, ऑपरेशन के बाद वार्ड में जब रखे तो तेज खुजली शुरू हुई। इस दौरान मेरी पत्नी ने चादर में टॉर्च मारकर देखा तो खटमल रेंगते दिखे। काटने की वजह से लाल दाने उभर आए थे।- बालरूप पैंकरा, अंबिकापुर ट्रीटमेंट किया जा रहा है
कार्डियोलॉजी विभाग में वुडन इंटीरियर के चलते खटमल की परेशानी हो रही है। अस्पताल के रेनोवेशन की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान उसे भी बदला जाएगा। फिलहाल इसका ट्रीटमेंट किया जा रहा है। – डॉ संतोष सोनकर, अधीक्षक, अंबेडकर अस्पताल। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ पीके निगम, डर्मेटोलॉजिस्ट बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी हो सकता है
त्वचा रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि खटमल के काटने से लाल चकत्ते, तेज खुजली, सूजन और संवेदनशील मरीजों में एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। लगातार खुजलाने से बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ता है।


