शहर के वार्ड संख्या 31 और 32 के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मुख्य सड़कें तो किसी तरह ठीक हैं, लेकिन मोहल्लों की अंदरूनी सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। कई जगहों पर सड़क निर्माण के बाद मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे गड्ढे और उखड़े हिस्से दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की समस्या भी लगातार बनी हुई है। जो लाइटें लगाई गई थीं, उनमें से कई खराब हो चुकी हैं और लंबे समय से बदली नहीं गईं। अंधेरा होते ही गलियों में सन्नाटा और असुरक्षा का माहौल बन जाता है। लोगों का कहना है कि रोशनी के अभाव में चोरी और छेड़छाड़ की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, खासकर महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराई हुई है। वार्ड संख्या 32 के निवासियों ने बताया कि इलाके में पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन अब तक घरों को पानी का कनेक्शन नहीं मिला है। गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत और बढ़ जाती है, जबकि सप्लाई का पानी भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हो पाता। बरसात के मौसम में स्थिति और बदतर हो जाती है। दोनों वार्डों में जलजमाव आम समस्या है। नालियों का निर्माण तो हुआ है, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने से वे जाम रहती हैं। परिणामस्वरूप बारिश का पानी सड़कों पर फैल जाता है और आवागमन प्रभावित होता है। कई घरों के सामने गंदा पानी जमा रहने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। सड़क, पानी, रोशनी, सफाई और सुरक्षा जैसे जरूरी मुद्दों पर ठोस पहल नहीं होने से लोग नाराज है। निवासियों ने समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है।


