वार्ड 32 के घुल्ली और 85 की नताशा के शामिल होने से आप के 7 विधायकों समेत गिनती 33 पहुंची

भास्कर न्यूज | अमृतसर नगर निगम चुनाव के बाद हाउस बनाने के लिए जोड़-तोड़ में आमने-सामने चल रही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपना-अपना मेयर बनाने का दम भर रही हैं। तो वहीं इस दौड़ से बाहर भाजपा ने राज्यपाल से मुलाकात करके मांग की है कि हाउस के गठन में हो रही देरी में दखल दें और नोटिफिकेशन करवाएं। पार्टी का कहना है कि सत्तारूढ़ सरकार हाउस गठन में देरी करके लोकतंत्र की हत्या कर रही है। 21 दिसंबर को हुए निगम चुनाव में कांग्रेस ने 85 में से 40 सीटें जीती थीं। इसके बाद एक आजाद ने भी समर्थन कर दिया। पार्टी के जिला प्रधान अश्विनी कुमार पप्पू का कहना है कि हम सबसे अधिक सीटों से जीते हैं और हाउस हमारा होगा। उनका कहना है कि उनके पास पहले से ही 41 पार्षद हैं। बाकी के 10 और पार्टी के साथ हैं। हालांकि यह लोग कौन-कौन हैं, उस बारे उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार किया है लेकिन उसमें आजाद जीते 8 में से कुछ हैं तो कुछ दूसरी पार्टियों के लोग भी हैं। इनमें कुछ आप के भी संभल हैं। वहीं 2 आजाद पार्षदों ने आप का दामन थाम लिया है। चुनाव में आप ने 24 सीटें जीती थी और इसके बाद पार्टी अपना मेयर बनाने के लिए जोड़ तोड़ में जुटी हुई है। इधर नोटिफिकेशन में हो रही देरी भी संभवतया इसलिए की जा रही है। निगम चुनाव के 14 दिन के बाद भी न तो सरकार ने मेयरशिप के लिए नोटिफिकेशन जारी किया ना किसी पार्टी के पास बहुमत है। हालांकि वार्ड नंबर 32 के आजाद पार्षद जगमीत सिंह घुल्ली और वार्ड नंबर 85 की पार्षद नताशा गिल के आप ज्वाइन करने के बाद 7 विधायकों सहित संख्या 33 पहुंच गई है। लेकिन अभी भी बहुमत से 13 कदम दूर है। यानि कि 46 वोट होने पर मेयर की दावेदारी कर पाएगी। फिलहाल अब बचे 5 आजाद पार्षदों पर नजर टिकी हुई है। सफल रही तो 8 वोटों की दरकार रहेगी। कुल मिलाकर अंदरखाते जोड़-तोड़ की राजनीति चल रही है। मेयर की कुर्सी के लिए कांग्रेस में अंदरखाते जारी घमासान का फायदा आप पार्टी को मिलता दिख रहा है। बता दें कि कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने दो आजाद पार्षदों को आप में शामिल कराया है। सूत्रों की माने तो कुछ और आजाद पार्षद आप के संपर्क में बने हुए हैं। वह भी किसी समय आप का दामन थाम सकते हैं। फिलहाल 5 आजाद पार्षद ऐसे हैं, जिन्होंने किसी पार्टी को जॉइन नहीं किया है। जिन पर कांग्रेस-आप दोनों ही दलों की नजर बनी हुई है। कांग्रेस अपना मेयर बनाने से 6 कदम ही दूर है। यदि सभी आजाद अपने खेमे में ले तो बहुमत साबित हो जाएगा। दूसरा विकल्प अकाली-बीजेपी सपोर्ट कर दे तो आप की राजनीति डगमगा सकती है। फिलहाल 4 से 5 दिन में तस्वीर साफ हो सकती है कि मेयर किसका बन रहा है। कैबिनेट मंत्री धालीवाल ने आजाद पार्षदों के आप जॉइन करने पर स्वागत किया। भरोसा दिलाया कि पार्टी में उचित सम्मान दिया जाएगा। पार्टी के जिला प्रधान मनीष अग्रवाल का कहना है कि हमारी सरकार है तो मेयर भी हमारा ही बनेगा इसमें कोई शंका नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर जिला अध्यक्ष ग्रामीण बलजिंदर सिंह ढिल्लों, शहरी अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, पार्षद जतिंदर सिंह मोती भाटिया, अजीत सिंह बिट्टू, अमीर सिंह घुल्ली व अन्य मौजूद रहे।

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