वाहन चालकों के सामने बीमा क्लेम का खतरा

बाड़मेर | 15 अप्रैल 2026 से पहले ही बाड़मेर समेत प्रदेश भर के आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। इस कारण जिले में वाहनों की फिटनेस जांच की व्यवस्था बंद हो गई है। पहले जहां बाड़मेर डीटीओ कार्यालय में परिवहन निरीक्षकों द्वारा वाहनों का भौतिक सत्यापन करने के बाद फिटनेस सर्टिफिकेट दिए जाते थे, लेकिन अब वाहन चालकों को फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए 210 किमी. दूर जोधपुर जाकर फिटनेस सर्टिफिकेट लेना पड़ रहा है। बाड़मेर के वाहन चालकों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट लेने का कोई जरिया नहीं है। यदि बिना फिटनेस वाले वाहन का एक्सीडेंट होता है तो बीमा कंपनियां क्लेम खारिज कर देगी। बाड़मेर के हजारों वाहन चालक इस समय इसी जोखिम के बीच सड़क पर उतरने को मजबूर है। वैध सर्टिफिकेट न होने के कारण परिवहन विभाग और पुलिस द्वारा भारी चालान काटे जा रहे हैं। राज्य सरकार की नई स्क्रैपिंग पॉलिसी ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। ^न्यायालय के आदेश के बाद से कार्यालय में फिटनेस सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को बंद कर दिया है। वाहन चालक को फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए निकटतम फिटनेस सेंटर जाकर सर्टिफिकेट ले सकते हैं। निकटतम सेंटर जोधपुर में है। – अक्षय कुमार विश्नोई, डीटीओ बाड़मेर। बाड़मेर में वाहनों की फिटनेस के लिए दो निजी फिटनेस सेंटर थे, लेकिन इन फिटनेस सेंटरों पर फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के कारण परिवहन विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई की। दोनों फिटनेस सेंटर को ब्लैक लिस्ट कर दिया। वर्तमान में बाड़मेर में एक भी सक्रिय ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) नहीं है। पिछले एक साल से विभाग द्वारा लगभग 6 हजार वाहनों की फिटनेस की जांच कर सर्टिफिकेट दिए थे, लेकिन हाल ही में डीटीओ कार्यालय में फिटनेस सर्टिफिकेट देने की सुविधा को बंद करने के कारण अब बाड़मेर के लोग परेशान है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *