विजय शर्मा बोले- सेना पर सवाल उठाने वालों पर धिक्कार:कहा- झीरम कांड में छत्तीसगढ़ का नेतृत्व खत्म हुआ, मैं हमेशा झीरम की उस जगह को प्रणाम करता हूं, उन्होंने माटी के लिए बलिदान दिया

प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने भिलाई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि वे आज भी झीरम के उस स्थान को प्रणाम करते हैं, जहां छत्तीसगढ़ का शीर्ष नेतृत्व शहीद हुआ था। गृहमंत्री ने कहा कि हालांकि वे कांग्रेस के नेता थे, लेकिन हम मानते हैं कि उस घटना में हमारा भी नेतृत्व नहीं रहा था। जब भी रात में 12 बजे वहां से निकला हूं, उस स्थान को नमन किया है। वहां खड़े होकर मैंने हमेशा सोचा है कि जिन्होंने हमारी माटी के लिए बलिदान दिया, उसका परिणाम आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज जब शस्त्रबल के जवान नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई कर परिणाम ला रहे हैं, तो उन पर सवाल उठाना शहीदों का अपमान है। इसके अलावा विजय शर्मा ने धर्मांतरण के मुद्दे पर भी कहा कि सरकार का मसौदा तैयार है और अंतिम परीक्षण की प्रक्रिया में है। कोशिश है कि इसी बजट सत्र में धर्मांतरण को लेकर कानून लागू किया जाए। कहा जिनकी पार्टी के नेता शहीद हुए वे ही उठा रहे सवाल
उन्होंने कहा कि जिस घटना में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शहीद हुए थे, आज उसी लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए जवान नक्सल नेटवर्क को खत्म कर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों के शौर्य पर प्रश्नचिह्न लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। विजय शर्मा ने कहा कि मैं झीरम के उस स्थान को हमेशा प्रणाम किया है। उस स्थान पर मैंने हर बार सोचा है कि सभी शहीदों ने जो हमारी माटी के लिए बलिदान दिया है, इसका रिजल्ट आना चाहिए। आज शस्त्र बल के जवान जब उस परिणाम को निकालकर लाते हैं, तो शस्त्रबल के जवानों को फिर नीचा दिखाने का काम अगर ये कर रहे हैं तो सोचता हूं कि धिक्कार है। उनकी ही पार्टी के नेता थे, जो उस समय शहीद हुए थे, आज जवान जो कर रहे हैं, वो उन्हीं के लिए वो काम कर रहे हैं। उन जवानों की ही शौर्य पर प्रश्न चिन्ह लगाने वालों को मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। 31 मार्च तक खत्म हो जाएंगे नक्सली
नक्सल मोर्चे पर सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए विजय शर्मा ने बताया कि एक समय राज्य में 6500 नक्सली सक्रिय थे, जो अब घटकर लगभग 200 रह गए हैं। 2700 से अधिक नक्सलियों का पुनर्वास किया गया है। 1800 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं और 500 से अधिक नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि टॉप लीडरशिप और शीर्ष कैडर लगभग खत्म हो चुका है। लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त किया जाए। गृहमंत्री ने यह भी दावा किया कि कई नक्सलियों ने खुद पत्र लिखकर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा न केंद्र और न ही राज्य सरकार गोली चलाना चाहती है। जो मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए लाल कालीन बिछाकर स्वागत किया जाएगा। उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक पुनर्वास का पूरा ध्यान रखा जाएगा। ऑल इंडिया पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता में हुए शामिल
प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई परिसर में 24 फरवरी से 27 फरवरी तक आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता के उद्धाटन के अवसर पर गृहमंत्री विजय शर्मा भिलाई पहुंचे थे। देशभर की पुलिस एवं केंद्रीय सशस्त्र बलों की 30 टीमों के 450 प्रतिभागी शामिल हुए। इस प्रतियोगिता में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 30 से अधिक खिलाड़ी एवं अर्जुन पुरस्कार विजेता प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुए हैं।

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