महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शहर शिवमय नजर आ रहा है। सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। खास तौर पर बेतवा नदी के बांग्लाघाट पर आस्था का जनसैलाब देखने को मिल रहा है, जहां नदी के बीच स्थित प्राचीन शिवलिंग पर इस वर्ष 55 फीट ऊंची केदारनाथ धाम की भव्य प्रतिकृति तैयार की गई है। बांग्लाघाट पर नदी के बीच स्थित प्राचीन शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसी शिवलिंग के चारों ओर इस बार करीब 55 फीट ऊंची केदारनाथ धाम की प्रतिकृति तैयार की गई है, जिसे देखने के लिए सुबह से ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर पुलिस अधीक्षक रोहित कसवानी भी अपने परिवार के साथ बांग्लाघाट पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का विधिवत अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। ‘बांग्लाघाट के राजा’ के नाम से प्रसिद्ध है स्थल स्थानीय मान्यताओं के अनुसार बांग्लाघाट को ‘बांग्लाघाट के राजा’ के नाम से भी जाना जाता है। यहां महाशिवरात्रि पर विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, इसी कारण हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। आयोजन समिति प्रमुख संजय प्रजापति ने बताया कि बांग्लाघाट पर महाशिवरात्रि के अवसर पर पिछले कई वर्षों से तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन की परंपरा चली आ रही है। विवाह आयोजन बंद, अब सिर्फ आध्यात्मिक कार्यक्रम उन्होंने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा की प्रेरणा से यहां विवाह समारोह बंद कर दिए गए हैं। अब केवल धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम ही आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष कोलकाता और बंगाल से आए 10 सदस्यीय कलाकार दल ने लकड़ी, बांस और पारंपरिक सामग्रियों का उपयोग कर केदारनाथ धाम की प्रतिकृति का निर्माण किया है। मंदिर को पारंपरिक शिल्पकला और धार्मिक वास्तुशैली के अनुरूप सजाया गया है। नदी के बीच आयोजन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम नदी के बीच आयोजन होने के कारण सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर तैनात रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। शाम के समय उज्जैन से आए कलाकारों द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूब गया है।


