विदिशा के माधवगंज चौराहे पर एक निर्माणाधीन भवन में पेयजल के लिए की जा रही बोरिंग के दौरान प्रशासन ने एक मशीन जब्त कर ली। इस कार्रवाई के विरोध में जिले के बोरिंग मशीन संचालकों का संगठन कलेक्ट्रेट पहुंचा और प्रशासन के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई। संचालकों ने दावा किया कि वर्तमान में बोरिंग कार्य पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। उनका कहना था कि संबंधित मकान मालिक ने भवन निर्माण की अनुमति ली थी और पेयजल के लिए बोरिंग कराई जा रही थी। इसके बावजूद, प्रशासन ने बिना कोई स्पष्ट कारण बताए मशीन जब्त कर ली। मशीन संचालक ने आरोप लगाया कि माधवगंज चौराहे पर राठी के भवन में बोरिंग का काम चल रहा था, तभी तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने बोरिंग की अनुमति मांगी। संचालकों ने बताया कि बोरिंग के लिए अलग से किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए उनके पास कोई परमिशन नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने मशीन जब्त कर यातायात थाने में खड़ी करवा दी। संचालकों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मशीनों पर लगभग ढाई करोड़ रुपये का निवेश है और उन्हें भारी किस्तें चुकानी पड़ती हैं। बिना किसी स्पष्ट कारण के मशीन जब्त होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जब्ती का स्पष्ट कारण बताया जाए और बोरिंग कार्य से संबंधित नियमों की लिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। संचालकों ने यह भी कहा कि यदि बोरिंग कार्य पर कोई प्रतिबंध लागू है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अनावश्यक रूप से परेशान न करने की अपील की।


