महासमुंद| बुधवार को मानव अधिकर दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, के तत्वावधान में जिला मुख्यालय व तालुका स्थित न्यायालयों के न्यायाधीशों ने विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया। कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी ने केन्द्रीय विद्यालय महासमुंद पहुंचकर विद्यार्थियों को संविधान के प्रदत्त अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर एक व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकारों की अहमियत को उजागर करने के लिए, हर साल 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। मानवाधिकार सभी के लिए समानता, स्वतंत्रता और गरिमा सुनिश्चित करते हैं। संयुक्त राष्ट्र, इन अधिकारों की रक्षा और करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मौलिक मानवाधिकारों और स्वतंत्रता (जीवन, स्वतंत्रता, समानता आदि) की रक्षा के लिए वैश्विक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यही मानव अधिकार दिवस मनाए जाने के महत्व को प्रदर्शित करता है। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट के बारे में भी जानकारी दी गई। इसी प्रकार भलेसर रोड स्थित नर्सिंग कॉलेज में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी ने महिलाओं व बच्चों से संबंधित होने वाले अपराधों, साइबर अपराध, दहेज, बाल विवाह, माता पिता भरण-पोषण अधिनियम व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यो व विधिक सेवाओं के बारे में बताया।


