विधानसभा में देर रात वन मंत्री की तबीयत बिगड़ी:जबाव बीच में छोड़ा; स्पीकर ने कागज फेंककर कहा-12 बजे तक चलाओ सदन,नेता प्रतिपक्ष से हुई बहस

विधानसभा में वन और पर्यावरण की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए वन मंत्री संजय शर्मा की तबीयत बिगड़ गई। पहले गला सूखने की वजह से पानी मांगा, तब तक वे बैठे रहे, पानी पीने के बाद एक घोषणा करके फिर उन्होंने स्पीकर से कहा कि तबीयत सही नहीं है, मैं आगे का जवाब टेबल कर देता हूं। इसके बाद संजय शर्मा आगे की घोषणाएं किए बिना बैठ गए। उद्योग और वन पर्यावरण की मांगे पारित करने के बाद स्पीकर ने मंगलवार तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इससे पहले विधानसभा में अनुदान मांगों पर बहस के दौरान मंत्रियों के जवाब से ठीक पहले सदन में माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को बहस का जवाब देने के लिए बोलने को कहा। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तर्क दिया कि तीन विधायक बोलने से रह गए हैं। दो-दो मिनट बोल लेंगे तो क्या हो जाएगा, मंत्री का जवाब बाद में हो जाएगा। इस पर स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष के बीच बहस हो गई। स्पीकर ने कहा कि फर्क कैसे नहीं पड़ता। स्पीकर इस बात पर नाराज हो गए और कागज फेंकते हुए कहा- फिर आप ही चला लो रात 12 बजे तक विधानसभा, मैं तो चला।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि आप नाराज क्यों होते हो, बोलने की ही तो बात है। कुछ देर गुस्से के बाद स्पीकर शांत हुए और कांग्रेस के तीन विधायकों को बोलने का मौका दिया। कांग्रेस विधायक हुए भावुक विधानसभा में शुक्रवार को हंगामे के दौरान कांग्रेस विधायक को पाकिस्तानी कहने का मामला तूल पकड़ रहा है। कांग्रेस विधायक रफीक खान आज विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए, गला रूंध गया। रफीक खान ने कहा- जिस तरह से एक विधायक का चरित्र हनन किया गया, सदन में मुझे गालियां दी गईं, मैं बहुत कुंठित और पीड़ित महसूस कर रहा हूं। अभी विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि जब आप ऑफलाइन किए हुए वाक्य पर चर्चा करवा सकते हो तो इससे बड़ा और मुद्दा क्या हो सकता है। रफीक खान ने रुंधे गले से कहा- जयपुर के विधायक ने जिस तरह मेरे चरित्र का चीर हरण किया। दो साल पहले मेरे वालिद(पिता) गुजर गए। आज मेरे पिता जिंदा जिंदा होते, उनके सामने मुझे इस तरह गालियां पड़तीं तो वो बर्दाश्त नहीं कर पाते। रफीक खान ने कहा कि मेरे पिता कवि थे, उन्होंने हिंदी में लिखा। जब सुखाड़िया जी के समय अकाल पड़ा तो कवियों की एक मंडली ने पूरे प्रदेश में घूम कर अकाल के लिए चंदा जुटाया, उनमें प्रमुख रूप से मेरे पिता थे। रफीक खान बोले- मुसलमान विधायक होना अपराध है क्या?
रफीक खान ने कहा- मुझे दो रात से नींद नहीं आई है। तकलीफ में हूं, मुसलमान विधायक होना अपराध है क्या? अगर मुसलमान विधायक होना अपराध है तो विधानसभा में कानून लाकर यह कह दो कि यहां आगे से कोई मुस्लिम विधायक चुनकर नहीं आएगा । रफीक खान ने कहा- विधानसभा में चर्चा कर रहे हो तो बातचीत से समाधान होना चाहिए था। मैं उम्मीद करता हूं कि यह बात पूरी सरकार सुनेगी और इस बात पर चर्चा करेगी। (पूरी खबर पढ़ें) विधायक बोले-मंत्री फोन हमारा फाेन नहीं उठाते, जनता का क्या उठाएंगे?
विधानसभा में वन पर्यावरण के अनुदान मांगों पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक रमिला खड़िया ने कहा- वन मंत्री विधायक का फोन नहीं उठाते तो जनता का क्या फोन उठाएंगे। रमिला खड़िया ने कहा- मेरे विधानसभा क्षेत्र के खुमनी हाला गांव का रास्ता वन विभाग ने खाई खोदकर बंद कर दिया। एकमात्र रास्ता बंद होने से बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे। मैंने मंत्री जी को फोन भी लगाया, लेकिन नहीं उठाया। खड़िया ने कहा- मंत्री जब जवाब दें तो इस मुद्दे पर जरूर बात करें। 150 बच्चों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने वन मंत्री से कहा- कम से कम विधायक का तो फोन उठाओ। आप विधायक का ही फोन नहीं उठाते तो जनता का क्या उठाओगे? हम आपको परेशान करने कॉल नहीं करते हैं। इससे पहले विधानसभा में बसपा विधायक जसवंत सिंह गुर्जर ने टैबलेट को स्टैंड की तरह पकड़ा तो स्पीकर वासुदेव देवनानी ने फटकार लगाई। स्पीकर ने गुर्जर को टोकते हुए कहा- इस पर दबाव नहीं डाले, कागज हाथ में लेकर पढ़िए। इस पर विधायक ने कहा कि एक ही बात है। स्पीकर ने कहा- एक बात नहीं है। विधायक ने मजाकिया लहजे में कहा क्या-क्या हाथ में लें।

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