विधानसभा में बहस के बाद आज दो बिल पास होंगे:पंचायत-निकाय चुनावों में बच्चों की बाध्यता हटाने वाले दो बिल पेश होंगे

विधानसभा में आज बहस के बाद दो बिल पारित करवाएं जाएंगे। राजस्थान जन विश्वास (उपबंधो का संशोधन) विधेयक, 2026 और राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक बहस के बाद पारित होंगे। इन दोनों बिलों के आने से पहले सरकार अध्यादेश ( ऑर्डिनेंस) के जरिए इनके प्रावधान पहले लागू कर चुकी है। अध्यादेश को छह महीने के भीतर बिल लाकर विधानसभा में पारित करवाना होता है अन्यथा वह रद्द हो जाता है। राजस्थान जन विश्वास (उपबंधो का संशोधन) विधेयक में 11 तरह के छोटे मोटे अपराधों में सजा की जगह जुर्माने का प्रावधान किया है। इसका पहले अध्यादेश आ चुका है। केंद्रीय कानून की तर्ज पर ही राज्य में यह कानून लाया गया है। दुकानों, कंपनियों में 10 घंटे करवाया जा सकेगा काम, 14 साल से कम उम्र के बच्चों से अप्रेंटिस करवाने पर पाबंदी राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक में दुकानों, कंपनियों में काम करने के घंटे बढ़ाने का प्रावधान किया है। दुकानों, कंपनियों में हर दिन 9 घंटे की जगह 10 घंटे काम करने की अवधि बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। दुकानों और क​मर्शियल कामों में अब 14 साल से कम उम्र के बच्चों को काम पर नहीं रखा जा सकेगा। बिल में दुकानों, कंपनियों में अप्रेंटिस पर 14 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं रखा जा सकेगा, पहले यह आयु सीमा 12 साल थी जिसे बढ़ाकर 14 साल किया है। पंचायत और निकाय चुनावों में दो बच्चों की बाध्यत हटाने वाले बिल रखे जाएंगे पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव में अब दो से ज्यादा बच्चे वाले इलेक्शन लड़ सकेंगे। इसकी बाध्यता हटाने के लिए विधानसभा में गुरुवार को राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल-2026 और नगरपालिका संशोधन बिल-2026 रखे जाएंगे। पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर पंचायतीराज संशोधन बिल और यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा नगरपालिका संशोधन बिल को सदन में रखेंगे। दोनों बिलों को पारित करवाने की तारीख आज विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में तय होगी। —- ये खबर भी पढ़ें 30 साल बाद बदला भैरोंसिंह शेखावत सरकार का फैसला:दो से ज्यादा बच्चों वाले भी लड़ सकेंगे निकाय-पंचायत चुनाव; संशोधन बिलों को कैबिनेट की मंजूरी प्रदेश में अब दो से ज्यादा संतान वाले भी पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव लड़ सकेंगे। कैबिनेट की बैठक में भैरोंसिंह शेखावत सरकार का फैसला 30 साल बाद बदल दिया गया है। इससे निकाय और पंचायतीराज की सियासत बदलेगी। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- कैबिनेट ने राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल और राजस्थान नगरपालिका संशोधन बिल 2026 को मंजूरी दे दी है। (पूरी खबर पढ़ें)

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