भास्कर न्यूज | झालावाड़ विधानसभा में बजट सत्र के दौरान खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि आज किसान तीन मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है। फसल की तैयारी, बुआई से कटाई तक की चुनौतियां और अंत में फसल का सही दाम नहीं मिलना। विधायक गुर्जर ने कृषि मंत्री के छापों का हवाला देते हुए कहा कि आज बाजार में किसान को नकली खाद-बीज मिल रहे हैं। डीएपी और यूरिया के वितरण में भारी गिरावट आई है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि खरीफ सीजन में डीएपी का वितरण 2022 में 5 लाख मीट्रिक टन था, जो 2025 में घटकर मात्र 4 लाख मीट्रिक टन रह गया है। किसान 12-12 घंटे लाइन में लग रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रहा है। बिजली संकट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार फैक्ट्रियों को 24 घंटे बिजली देती है, जबकि किसान को रात के अंधेरे में महज 5 से 6 घंटे बिजली मिल रही है। इसके अलावा, नीलगाय और जंगली सुअरों से फसल बचाने के लिए किसान को रात भर जागना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल साधारण तारबंदी ही नहीं, बल्कि झटका मशीन वाली तारबंदी और पत्थर कोट पर भी अनुदान प्रदान करे। साथ ही हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का ब्योरा देते हुए कहा कि झालावाड़ के खानपुर, झालरापाटन, पनवाड़, रायपुर, बकानी, मिश्रोली, रटलाई, मंडावर और भवानीमंडी में फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं। सरसों, धनिया, गेहूं, चना और अफीम की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। रिझोन पंचायत के ब्रह्मपुरा सहित कई गांवों में अफीम की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।


