विधायक-महापौर ने कहा था 5 दिन में ठीक करें:42 दिन बाद भी स्थिति वैसी ही, जीवनदायिनी खारुन में अब भी मिल रहा गंदा पानी

शहर की जीवनदायिनी खारुन नदी में शहर के अलग-अलग इलाकों से निकलने वाला गंदा पानी न मिले इसके लिए 261 करोड़ की लागत से तीन एसटीपी बनाए गए हैं। लेकिन ये एसटीपी काम नहीं कर रहे हैं और गंदा पानी अब भी खारुन में जाकर मिल रहा है। भास्कर के खुलासे के बाद 4 जनवरी को स्थानीय विधायक राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त विश्वदीप अफसरों की टीम के साथ चिंगरी नाला व चंदनीडीह एसपीटी पहुंचे थे। यहां गंदा पानी सीधे खारुन में जाते देख विधायक और महापौर ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई थी। इस दौरान दोनों ने 5 दिन में इसे ठीक करने कहा था। निर्देश के बाद अधिकारियों ने चिंगरी नाला की सफाई करवाकर स्क्रीनिंग रॉड लगा दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया। जबकि स्थिति अभी भी जस की तस बनी हुई है और नाले का गंदा पानी सीधे खारुन में जाकर मिल रहा है। 4 जनवरी को मौके पर पहुंचे विधायक राजेश मूणत और महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों से कहा था- खारुन जीवनदायिनी है। नदी में गंदा पानी ​नहीं मिलना चाहिए। इसके लिए पांच दिन में व्यवस्था बनाएं। पूर्व शासन में बिना प्लानिंग के बना प्लांट
खारुन हमारे शहर की लाइफलाइन है। इसे स्वच्छ रखना, ​जनप्रतिनि​िध, जनता और अधिकारी, सभी की जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधि होने के नाते हमने अधिकारियों को इस पर प्लानिंग के साथ काम करने कहा था। पिछली सरकार ने बिना किसी प्लान के ही इस प्लांट को बनाया था। हमने प्लानिंग के साथ इसे सुधारने कहा है। इसके लिए जो भी फंड लगेगा, हम देने को तैयार हैं।
राजेश मूणत, विधायक
चैंबर वॉल्व बनाना जरूरी, भेजा प्रस्ताव
गंदा पानी खारुन में ना जाए। इसके लिए चिंगरी नाले की सफाई कराई गई और उसमें स्क्रीनिंग रॉड भी लगाया गया है। स्क्रीनिंग रॉड नाले के साथ आने वाले कचरे को रोक देता है और पानी सीधे एसटीपी में जाता है। हालांकि इस पाइपलाइन पर वॉल्व चैंबर बनाने की भी आवश्यकता है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा है। इसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
मीनल चौबे, महापौर स्टेट टीम ने ने किया है सर्वे
नाले का गंदा पानी खारुन में न मिले। इसके लिए छोटे चैंबर्स को साफ कराया गया है। चिंगरी नाले के पानी का फ्लो सीधे एसटीपी जाए, इसके लिए चैंबर वॉल्व निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव पर स्टेट की टीम ने सर्वे भी कर लिया है। खारुन नदी में गंदा पानी ना मिले, इसके लिए टीम को लगातार निरीक्षण के लिए कहा गया है।
विश्वदीप, आयुक्त

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