विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। जिले में 44 हजार 450 वोटर घटे हैं। अब मतदाताओं की संख्या 10 लाख 89 हजार 431 वोट है। एसआईआर के दौरान डबल नाम अथवा दस्तावेज मुहैया नहीं कराने वाले 73 हजार 875 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि 29 हजार 425 नए मतदाताओं के नाम जुड़े हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया। जिले में प्रारूप मतदाता सूची में कुल 10,60,006 मतदाताओं में 2.78 प्रतिशत वृद्धि के उपरांत कुल मतदाताओं की संख्या 10,89,431 है, जिनमें पुरुष 5,86,302, महिला 5,03,116 तथा ट्रांसजेंडर 13 हैं। वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन भी नाम जुड़वाए जा सकते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी व मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट https://election.rajasthan.gov.in पर वोटर लिस्ट उपलब्ध है तथा कोई भी मतदाता इस सूची में अपना नाम ऑनलाइन एपिक सर्च के माध्यम से देख सकता है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाना, हटाना व प्रविष्टियों में संशोधन एक अनवरत प्रक्रिया है, जो सतत जारी है। इसके लिए क्रमशः फॉर्म 6 मय घोषणापत्र (अनुलग्न-4), 7 एवं 8 ECINet App/Voters Portal (https://voters.eci.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन अथवा संबंधित बीएलओ से संपर्क कर भरा जा सकता है। पंचायत चुनाव के कारण शहरी इलाकों से कटवाए नाम एसआईआर के दौरान 73 हजार 875 नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं। इसकी मुख्य वजह ग्रामीण इलाकों के लोगों का गांव और शहर में दो जगह नाम होना था। पंचायत चुनाव में वोट के महत्व को देखते हुए लोगों ने शहरों से नाम कटवाकर ग्राम पंचायत की लिस्टों में ही बरकरार रखे हैं। उल्लेखनीय है कि भरतपुर सहित प्रमुख कस्बों में आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, जिनमें से ज्यादातर के दो जगह नाम हैं। इसके अलावा भरतपुर शहर में बड़ी तादाद में आगरा–मथुरा क्षेत्र के लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट में थे। इसलिए भरतपुर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 30 हजार 941 नाम कटे हैं। इनमें ज्यादातर के नाम यूपी की वोटर लिस्ट में भी थे। इन लोगों ने उत्तर प्रदेश में 2027 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यूपी की वोटर लिस्ट में नाम कायम रखा है।


