प्रदेश में 100 से अधिक विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर 2023 के विधानसभा चुनाव परिणाम के मार्जिन की तुलना में दो से पांच गुना अधिक मतदाताओं के नाम एसआईआर में कट गए हैं। प्रदेश में कुल 31.36 लाख से अधिक (5.74 प्रतिशत) मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। 2023 के चुनाव परिणाम में बीजेपी का मार्जिन कांग्रेस से सवा दो प्रतिशत के आसपास रहा था। बीजेपी को 1.65 करोड़ से अधिक यानी 41.69 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे और कांग्रेस को 1.58 करोड़ से अधिक यानी 39.55 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे। बीजेपी 6,44,786 अधिक वोट हासिल करके सत्ता में आई थी। इस मार्जिन की तुलना में एसआईआर में चार गुना वोटरों के नाम कट गए हैं। ऐसे समझें गणित… 2023 के चुनाव में 28 सीटें ऐसी थीं, जहां जीत का अंतर 2,000 वोटों से कम था। इन सीटों पर औसत कटौती 15,000 से 30,000 के बीच हुई। 3 हजार से कम अंतर वाली 35 सीटों पर सात गुना तक नाम कटे प्रदेश में लगभग 35 ऐसी विधानसभा सीटें चिह्नित की गई हैं, जहां 2023 के चुनावों में जीत का अंतर 3,000 से भी कम था। अब एसआईआर में वहां औसतन 22,000 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। ऐसे में जीत के मार्जिन की तुलना में सात गुना का अंतर एक बड़े चुनावी उलटफेर के रूप में माना जा रहा है। नाम हटने के मामलों में टॉप 3 जिलों में जयपुर, जोधपुर और उदयपुर भी एसआईआर वोटर लिस्ट में नाम हटने के मामलों में प्रदेश भर में टॉप 3 जिलों में जयपुर, जोधपुर और उदयपुर हैं। गौरतलब है कि जयपुर में 5.36 लाख, जोधपुर में 2 लाख से अधिक और उदयपुर में 1.58 लाख नाम हटाए गए हैं। सरदारपुरा में 19.98 फीसदी मतदाताओं के नाम कटे, ये प्रदेश में सबसे अधिक सीएम भजनलाल शर्मा और पूर्व सीएम अशोक गहलोत के विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक नाम कटे हैं। भजनलाल शर्मा के क्षेत्र में यह आंकड़ा 61 हजार से अधिक है, जो 16 प्रतिशत से ज्यादा है। वहीं पूर्व सीएम गहलोत के विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा में भले ही 51 हजार से अधिक नाम कटे हैं, लेकिन यह आंकड़ा 19.98 है, जिसे प्रतिशत की तुलना में सर्वाधिक माना गया है। सर्वाधिक नाम जोड़ने वाली 5 सीटों में से चार सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी जीते हैं सबसे अधिक नाम जोड़ने वाली पांच सीटों में एक भी कांग्रेस की नहीं है। जिनमें शहरीकरण और नए आवासीय क्षेत्रों के कारण सबसे अधिक नए नाम जोड़े गए हैं। ऐसी सीटों में नंबर वन पर झोटवाड़ा, सांगानेर, विद्याधर नगर, बाड़मेर, फलौदी आदि शामिल हैं।


