चित्तौड़गढ़ जिले के झांतला माता शक्ति पीठ मंदिर प्रांगण में विश्वकर्मा जयंती का भव्य आयोजन किया गया। समारोह से पूर्व रविवार रात्रि को भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भक्तिमय प्रस्तुतियों ने माहौल को धार्मिक रंग में रंग दिया। बड़ी संख्या में समाजजन भजन संध्या में शामिल हुए और देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे। सुबह निकली भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा कार्यक्रम की जानकारी देते हुए रतन हंसराज ने बताया कि सोमवार सुबह झांतला माता मंदिर परिसर से बस स्टैंड तक भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समारोह में पुष्कर कमेटी अध्यक्ष सम्पत जी जुनीखेड़ा, मात्रिकुण्डीया चार चौखला कमेटी, शनि महाराज कमेटी, आवरीमाता कमेटी, तिलस्वां लौहार समाज समिति के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ लौहार समाज चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष राजु धनेत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच पर समाज के कई वरिष्ठजन और प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। विद्यार्थियों और समाज की प्रतिभाओं का सम्मान नवयुवक मंडल कार्यकारिणी की ओर से लौहार समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान समाज के युवाओं में उत्साह और प्रेरणा का माहौल देखने को मिला। आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया गया जोर पुष्कर कार्यकारिणी अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में समाज में फैली बुराइयों और कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही शादी-ब्याह में दो तोला सोना और आधा किलो चांदी के निर्णय को समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए चित्तौड़गढ़ मंडल कार्यकारिणी के प्रयासों की सराहना की। भामाशाहों का सम्मान और महाप्रसादी का आयोजन कार्यक्रम के दौरान मंचासीन अतिथियों द्वारा समाज के उन सभी भामाशाहों का उपरना पहनाकर स्वागत किया गया, जिनके सहयोग से हर वर्ष यह महोत्सव आयोजित किया जाता है। समारोह के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के सभी लोगों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का संचालन रतन हंसराज बस्सी ने किया। इस अवसर पर कार्यकारिणी के पूर्व अध्यक्ष कालु नारेला, राकेश घोसुंडा, मुकेश रोजड़ा, भगवतीलाल चौगांवड़ी, पार्षद रामगोपाल लौहार, नवयुवक मंडल अध्यक्ष राजेंद्र पडियार गौराजी का निम्बाहेड़ा, कोषाध्यक्ष शंकर निम्बाहेड़ा सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिलाएं, बच्चे और युवा वर्ग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


