जांजगीर | नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम में तत्काल प्रभाव से बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। यूजीसी ने सभी कुलपतियों और प्राचार्यों को पत्र लिखकर कहा है कि पारंपरिक विषयवस्तु का बोझ कम किया जाए और उसकी जगह जीवन कौशल, व्यवहारिक अनुभव, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और कौशल विकास को पाठ्यक्रम में प्रमुखता से शामिल किया जाए। आयोग का कहना है कि तेजी से बदल रही वैश्विक जरूरतों और 21वीं सदी की मांगों के अनुरूप छात्रों को तैयार करना समय की आवश्यकता है। इसलिए अब करके सीखने की पद्धति को बढ़ावा देना जरूरी है।


