सरगुजा जिले के उदयपुर में स्थित अदाणी विद्या मंदिर (एवीएम) में गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध सरोद वादक देबस्मिता भट्टाचार्य ने शिरकत की। उन्होंने अपने एक घंटे के कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राएं सहित सभी श्रोताओं को सरोद के संगीत से सराबोर कर दिया। उन्होंने बच्चों को सरोद वादन के इतिहास सहित कई रागों और सरगम के गुरों को बताया। कार्यक्रम में देबस्मिता के साथ तबले में ताल बिलासपुर के युवा तबला वादक दीपक साहू ने दी। दीपक के तबले की ताल और देबस्मिता के सरोद की जुगल बंदी ने कार्यक्रम में श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। सरगुजा और आसपास के आदिवासी विस्तार के छात्रों के लिए अद्वितीय शिक्षण, कला और सांस्कृतिक अभ्यास देने हेतु विद्या मंदिर हमेशा तत्पर रहता है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए इस दूर स्थान के विस्तार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देबस्मिता भट्टाचार्य ने कई देशों में प्रस्तुति दी विश्व प्रसिद्ध सरोद वादक देबस्मिता भट्टाचार्य, भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में एक अद्वितीय नाम हैं। इनका संगीत का सफर दुनियाभर में फैला हुआ है। इन्होंने दुबई के वर्ल्ड एक्सपो 2020 में मंच साझा किया है, साथ ही इंग्लैंड के क्वीन एलिजाबेथ हॉल सहित चीन, कुवैत, कतर, मस्कट, ओमान, और अमेरिका जैसे देशों में भी अपनी प्रस्तुतियां दी हैं। अपनी संगीत यात्रा में देबस्मिता ने कई देशों के विभिन्न सांस्कृतिक संगीतकारों के साथ मिलकर भारतीय शास्त्रीय संगीत को विश्व मंच पर सम्मानित किया है। उनका संगीत केवल भारतीय शास्त्रीय विधाओं में ही सीमित नहीं है। अफ्रीकी कोरा, चीनी गुझेंग और अन्य सांस्कृतिक वाद्य यंत्रों के साथ भी उन्होंने संगीत प्रस्तुत किया है। उपरांत फ़्रांस, इटली, स्वीडन, नेधरलेंड, स्कॉटलैंड तथा इंग्लैंड जैसे देशों में विविध कार्यक्रम में सरोद वादन किया है। स्पीक मैके के बारे में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के सामाजिक सरोकारों के तहत संचालित अदाणी विद्या मंदिर, साल्ही में यह कार्यक्रम स्पीक मैके (SPIC MACAY) के सहयोग से आयोजित किया गया। जिसे डॉ. किरण सेठ द्वारा 1977 में स्थापित किया गया था। SPIC MACAY, एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, योग, ध्यान, पारंपरिक हस्तशिल्प, फिल्म क्लासिक्स और भारतीय संस्कृति के अन्य पहलुओं को बढ़ावा देता है। यह संगठन हर साल भारत के लगभग 500 शहरों और 50 देशों में 5000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित करता है। डॉ. किरण सेठ, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर और प्रोफेसर एमेरिटस हैं। उन्हें 2009 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कार्यक्रम में स्पीक मैके से यति चतुर्वेदी और मृणानी चतुर्वेदी, राजस्थान राज्य विद्युत के अतिरिक्त मुख्य अभियंता बाबूलाल वर्मा, उप मुख्य अभियंता लाल चंद बरेसाह, कार्यपालक अभियंता पवन कुमार ओझा, अदाणी इंटरप्राइसेस के क्लस्टर एचआर हेड राम द्विवेदी, वाणिज्यिक प्रमुख तरुण कुमार, मीडिया प्रभारी अतुल गुप्ता, अदाणी विद्या मंदिर के प्राचार्य आशीष पांडे, अदाणी फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक उमेंद्र साहू सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा विद्यार्थी गण उपस्थित थे। अदाणी समूह के कार्यक्रम अदाणी समूह की सीएसआर शाखा, अदाणी फाउंडेशन, राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) के साथ जिले के घोर आदिवासी अंचल क्षेत्र उदयपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और बुनियादी ढांचे के विकास के कई कार्यक्रम संचालित करती है। आदिवासी बच्चों को मिल रही बुनियादी सुविधाएं वहीं, अदाणी फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे एवीएम, साल्ही सीबीएसई से सम्बद्ध एक मात्र स्कूल है। जहां पढ़ने वाले 1000 से अधिक आदिवासी बच्चों को केन्द्रीय शिक्षा मंडल की अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्ता युक्त निःशुल्क शिक्षा सहित पौष्टिक भोजन, गणवेश, किताब, कापी स्कूल बैग इत्यादि भी प्रदान कर रहा है। इसी के साथ यहां मिलने वाला पौष्टिक भोजन भी स्कूल में पढ़ रहे आदिवासी बच्चों की माताओं द्वारा ही तैयार किया जाता है।


