वीरमनाथ के कहने पर साध्वी के अकाउंट से हुई पोस्ट:पोस्ट करने वाले भोमाराम ने बताई पूरी कहानी, कहा- एसआईटी ने एक बार की पूछताछ

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में उनके सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करने वाला भोमाराम सामने आया। 28 जनवरी को साध्वी की मौत के 4 घंटे बाद भोमाराम ने ही पोस्ट की थी। उसने बताया कि साध्वी के पिता वीरमनाथ के कहने पर मैंने ही इंस्टाग्राम पर लोगों की सूचना के लिए पोस्ट किया था। वीरमनाथ ने जैसा कहा मैंने वैसा ही मैसेज लिखकर पोस्ट कर दिया था। जिसका उद्देश्य ये ही था कि साध्वी प्रेम बाईसा को न्याय मिले। इससे पहले वीरमनाथ ने सभी संत-महात्माओं और कुछ परिचितों को फोन किए थे। भोमाराम ने बताया कि 28 जनवरी को शाम 6:52 बजे मुझे गुरुजी वीरमनाथ के फोन से कॉल आया था। उनके फोन से सुरेश ने बात की और कहा कि कि बाईसा की तबीयत खराब है, प्रेक्षा हॉस्पिटल आ जाओ। मैं शाम 7:31 बजे प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंचा तब तक प्रेम बाईसा का देहांत हो चुका था। वहां वीरमनाथ और आश्रम के कुछ लोग थे। अस्पताल में डॉक्टर ने बोला कि पोस्टमाॉर्टम के लिए ले जाओ तब वीरमनाथ ने कहा कि पोस्टमॉर्टम तो अपन करवाएंगे लेकिन पहले बाईसा को हम ससम्मान आश्रम में ले जाते हैं, श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे तब तक सभी साधु-संत आ जाते हैं। उसके बाद में अपन पोस्टमॉर्टम के लिए ब्रह्म मुहूर्त में ले जाएंगे। तब रात 8:45 बजे हम लोग प्रेक्षा हॉस्पिटल से निकल गए। रास्ते में संतों को फोन लगाए और उन्हें बाईसा के देहांत के बारे में बताया। फिर हम आरती नगर के मोड़ पर रुक गए। कुछ देर रुकने के बाद आरती नगर आश्रम पहुंचे। आश्रम पहुंचने के बाद कुछ युवकों ने किया हंगामा भोमाराम ने बताया कि आश्रम पहुंचने के बाद वीरमनाथ ने मुझे पोस्ट करने का कहा। इस कारण 4 घंटे की देरी हो गई। मैंने रात 9:38 बजे वो मैसेज डाला था। इसके बाद भक्तों का आना शुरू हो गया। कुछ देर में वो मैसेज वायरल हो गया तो और भी कई लोग आ गए। इसी दौरान 4-5 लड़कों ने विरोध करना शुरू कर दिया और न्याय के नारे लगाने शुरू कर दिए। वो हाथापाई पर उतर आए। उनकी गाड़ी के टायर की हवा निकाल दी। इसके बाद पुलिस पहुंच गई। इसके बाद पोस्टमॉर्टम के लिए महात्मा गांधी अस्पताल लेकर चले गए थे। भोमाराम ने कहा कि जिन लोगों ने उस समय माहौल खराब किया, वे लोग साध्वी बाईसा की समाधि के दौरान नजर नहीं आए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रेम बाईसा अपने वायरल वीडियो के बाद एसआईटी ने भी मुझसे एक बार पूछताछ की है। भोमाराम ने बताया कि आश्रम एक साल पहले बना था। कैमरे लगवाए नहीं थे, कैमरों की अंडर लाइन डाले हुए हैं। लोगों ने बाईसा को कलंकित करना चाहा भोमाराम ने बताया कि पोस्ट डलवाने से पहले वीरमनाथ और मेरी बातचीत हुई। तब उन्होंने कहा कि बाईसा ने 25 साल तक ब्रह्मचर्य का जीवन जिया है और लोगों ने कलंकित किया। बाईसा ने शंकराचार्य को पत्र लिखा तो अब बाईसा दुनिया में नहीं रही, वो न्याय मांग रही थी। जैसा वीरमनाथ ने कहा वैसा ही मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया था। उन्होंने ही पोस्ट बताई थी। गौरतलब है कि साध्वी की मौत के कारणों को लेकर अभी तक कोई ठोस खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस अब तक 37 लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

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