जालंधर| शिक्षा विभाग में पिछले 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे दफ्तरी कर्मचारियों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग द्वारा उनके वेतन में प्रति माह 31 हजार रुपए तक की कटौती की जा रही है। कटौती के विरोध में कर्मचारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी (प्राइमरी) दफ्तर से डीसी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान कर्मचारियों ने एक गुलक हाथ में लेकर आम जनता से अपील की कि वे सरकार का खजाना भरें, ताकि सरकार कर्मचारियों के वेतन में कटौती का निर्णय वापस ले सके। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने एडीसी अमनिंदर कौर बराड़ को मांग पत्र सौंपा। यूनियन नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने अधिकारियों को वेतन न घटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसे अमल में नहीं लाया गया। सर्व शिक्षा अभियान मिड डे मील दफ्तरी कर्मचारी यूनियन के नेता शोभित भगत, गगनदीप शर्मा, राजीव शर्मा और गगन स्याल ने चेतावनी दी है कि यदि उक्त फैसला रद्द नहीं हुआ तो कर्मचारी नेताआंे के घर घेरेंगे।


