भास्कर न्यूज | जालंधर नगर निगम के सीवरमैनों ने काम बंद कर दिया है। वजह- उन्हें वेतन नहीं मिला है। अब सीवरेज ब्लॉकेज की शिकायत हल होने में समय लग सकता है। निगम के कच्चे मुलाजिम वेतन न मिलने के अलावा नई भर्ती के रोस्टर से भी खुश नहीं हैं। मुलाजिम नई भर्ती के कुछ नियम बदलने की मांग कर रहे हैं। वीरवार को पवन बाबा की अध्यक्षता में तमाम कर्मचारी यूनियनों ने धरना दिया। बाबा ने कहा कि मुलाजिमों को मासिक वेतन समय पर नहीं मिल रहा। नगर निगम के अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया कि अगर तुरंत वेतन खातों में नहीं आया, तो शुक्रवार से शहर के सभी जोनों और मुख्य कार्यालय में काम पूरी तरह ठप कर भारी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रभावित कच्चे सीवरमैनों की गिनती 370 है। वहीं, यूनियन नेताओं ने मेयर वनीत धीर और निगम कमिश्नर संदीप ऋषि को समस्या बताई। कई कर्मचारियों को बीते 6 महीनों से एक रुपया नहीं मिला है। जिन्हें वेतन मिला भी है, उनके साथ भारी भेदभाव हो रहा है। किसी के खाते में 3000, किसी को 6000 तो किसी को 9000 रुपए ही दिए गए हैं। इतनी कम राशि से कर्मचारियों के घरों के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में कर्मचारी नेता मौजूद रहे। इनमें सैनेटरी सुपरवाइजर यूनियन से प्रधान सन्नी सेठी, सफाई मजदूर यूनियन से प्रधान गौरव गिल, प्रदीप सर्वटे, म्युनिसिपल कर्मचारी संघ के चेयरमैन अशोक भील, प्रधान विनोद सहोता, ड्राइवर-जेसीबी ऑपरेटर यूनियन के प्रधान अनिल सभ्रवाल, सीवरमैन यूनियन से प्रधान राजू छोटा, जोंटी सर्वटे शामिल रहे। इनके साथ ही हरजीत बॉबी, रमनजीत सिंह, विक्की सहोता, बबलू सोंधी और सचिन बत्रा शामिल रहे।


