जिले में सोमवार को हनुमानगढ़ मैत्री संघ के सदस्यों ने जिला परिवहन अधिकारी ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर द्वारा उद्योगपतियों और व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान करने और फैक्ट्रियों में कार्यरत वाहनों पर भारी-भरकम चालान थोपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मांग नहीं मानने पर आंदोलन को मजबूर होंगे। उद्योगपति शिवरत्न खड़गावत ने बताया कि उनकी फैक्ट्री के अंदर उपयोग में लाए जा रहे एक ट्रॉले का चालान किया गया, जिसकी कीमत केवल तीन लाख रुपये है, लेकिन उस पर 1.30 लाख रुपए का चालान लगाया गया। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री परिसर के अंदर चलने वाले ट्रॉले पर चालान लगाने का कोई औचित्य नहीं है। खड़गावत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सड़कों पर खुलेआम नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 155 टन तक का माल ट्रॉलों में लाया और ले जाया जा रहा है, जो कानूनी सीमा से कई गुना अधिक है। इसके बावजूद परिवहन विभाग के अधिकारी इन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने कहा कि राज्य सरकार एक ओर राइजिंग राजस्थान जैसी योजनाओं के माध्यम से नए उद्योग स्थापित करने के लिए उद्योगपतियों और व्यापारियों को प्रोत्साहित कर रही है। वहीं, दूसरी ओर विभागीय अधिकारी व्यापारियों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की नीतियां और कार्रवाइयां व्यापार और उद्योग को बंद करने की ओर धकेल रही हैं। मैत्री संघ के सदस्यों ने मांग कि फैक्ट्री परिसर में काम करने वाले वाहनों को सार्वजनिक यातायात के नियमों के तहत नहीं रखा जाना चाहिए। इन वाहनों का उपयोग केवल उत्पादन कार्यों के लिए होता है और इनका सड़क यातायात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। हनुमानगढ़ मैत्री संघ के सदस्यों ने पूरे प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को नाजायज तंग किया जाएगा तो हनुमानगढ़ मैत्री संघ एकजुट होकर अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। इस मौके पर अध्यक्ष शिवरतन खड़गावत, राजेन्द्र बैद, ओमप्रकाश अग्रवाल, सुशील जैन, विनोद मोदी, प्रशांत भारतीय, आत्मा सिंह नंदा, सुरेंदर कोठारी, मनोहर बंसल, विनोद बाठिया व अन्य सदस्य मौजूद थे।


