छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के नगर पंचायत गुरुर में एक विवाद सामने आया है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में स्थानीय विधायक संगीता सिन्हा का नाम कार्ड से गायब कर दिया गया। यह शासकीय आयोजन विधायक के गृह नगर में था। विधायक के नाम को कार्ड में स्थान नहीं दिए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। कई पार्षदों और कांग्रेसियों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्य नगर पंचायत अधिकारी श्रीनिवास पटेल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रोटोकॉल के अनुसार विधायक का नाम शामिल करने का प्रयास किया। लेकिन भाजपा मंडल अध्यक्ष कौशल साहू ने इसे पार्टी का कार्यक्रम बताते हुए नाम जोड़ने से मना कर दिया। मंडल अध्यक्ष को ठहराया जिम्मेदार जब मंडल अध्यक्ष से इस विषय पर बात की गई तो उन्होंने जिला अध्यक्ष से संपर्क करने को कहा। इस मामले में मुख्य नगर पंचायत अधिकारी ने सीधे तौर पर मंडल अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल समारोह में नए अध्यक्ष प्रदीप साहू और पार्षदों ने शपथ ली। इस घटना के बाद नगर पंचायत की स्वतंत्र कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि नगर पंचायत भाजपा नेताओं के नियंत्रण में आ सकती है।


