सिटी रिपोर्टर | बोकारो शिबू सोरेन स्मृति भवन में आयोजित शब्द सरिता महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को कवि सम्मेलन साहित्य और शिक्षा का मंच बना। कार्यक्रम में नीलोत्पल मृणाल समेत प्रख्यात कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। डीसी अजय नाथ झा व एसपी हरविंदर सिंह ने कवियों का स्वागत किया। शुभारंभ कवयित्री पद्मिनी शर्मा ने वंदना से की। वहीं कवि निलोत्पल मृणाल ने कहा कि साहित्य समाज को नई दृष्टि देता है और ऐसे आयोजन निरंतर होने चाहिए। उन्होंने किसान की मेहनत, मिट्टी और श्रम पर आधारित कविता प्रस्तुत की। हम आकाश में गेहूं बोएंगे… ने ग्रामीण जीवन की पीड़ा और स्वाभिमान को स्वर दिया। कहां गया, दिन वो सलोना रे… ने श्रोताओं की आंखें नम कर दीं। उन्होंने छात्रों से अपील किया कि वे केवल वीडियो देखकर नहीं, बल्कि सकारात्मक माहौल में अध्ययन करें। बोकारो की कवयित्री गीता कुमारी, डीसीएलआर चास प्रभास दत्ता और आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार ने दैनिक जीवन से जुड़ी संवेदनशील कविताएं प्रस्तुत कीं। श्रृंगार रस की कवियित्री पद्मिनी शर्मा ने बेटियों की शक्ति, मीरा की आस्था और भारतीय संस्कृति पर आधारित पंक्तियों ने गहरा प्रभाव छोड़ा।


