कथित शराब घोटाला मामले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने दोनों आरोपियों की दूसरी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। हाई कोर्ट ने यह निर्णय लंबी न्यायिक हिरासत और मुकदमे के जल्द पूरा होने की कम संभावना को देखते हुए लिया है। ईओडब्ल्यू और एसीबी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। अनिल टुटेजा को 21 अगस्त 2024 और अनवर ढेबर को 5 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपियों की ओर से तर्क दिया गया कि मामले में जांच पूरी हो चुकी है और आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। इस आधार पर जमानत की मांग की गई थी। दोनों को एक-एक लाख रुपए के व्यक्तिगत मुचलका जमा करने पर रिहा करने का निर्देश दिया गया है। हाई कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिकाओं पर दिए गए अलग- अलग फैसलों में कहा है कि इस मामले में 50 से अधिक आरोपी और 1000 से अधिक गवाह हैं, जिसके कारण ट्रायल के जल्द समाप्त होने की कोई उम्मीद नहीं है। किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्राप्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। हाई कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सशर्त जमानत दी है। दोनों को अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करना होगा। वे बिना अनुमति के देश नहीं छोड़ सकेंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। चेतावनी दी गई है कि वे साक्ष्यों या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।


