शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के निरीक्षण के लिए गुरुवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता हजारीराम बालवा भीतरी शहर के गली-मोहल्लों में पहुंचे। सुबह-शाम की सप्लाई का रूट मैप और टाइमिंग की जानकारी लेने के बाद उन्होंने जलदाय विभाग नगर खंड के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर व्यवस्था का जायजा लिया। जिला आईईसी समन्वयक अशोकसिंह ने बताया कि अधीक्षण अभियंता ने ढाणी बाजार, पीपली चौक, जटियों का बास और गंगा मैया मंदिर क्षेत्र में पेयजल सप्लाई की जांच की। तंग गलियों में पहुंचकर उन्होंने पानी के प्रेशर की स्थिति देखी और स्थानीय लोगों से बातचीत कर समस्याएं जानी। निरीक्षण के बाद नगर खंड के अधिकारियों और कार्मिकों ने अधिशाषी अधिकारी बिजेंद्र मीणा के नेतृत्व में विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की। पानी का अपव्यय और अवैध उपयोग पाए जाने पर करीब एक दर्जन उपभोक्ताओं को चेतावनी दी गई। साथ ही पानी में क्लोरीन की मात्रा की भी जांच की गई। जल सप्लाई के दौरान जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर वाल्व या टोंटी नहीं लगी पाई गई, उन्हें तत्काल वाल्व लगाने और पानी व्यर्थ न बहाने के निर्देश दिए गए। कुछ घरों में सर्विस कनेक्शन में लीकेज भी मिले, जिन्हें दुरुस्त करवाने के लिए कहा गया। जिन उपभोक्ताओं ने सप्लाई लाइन पर मोटर लगा रखी थी, उन्हें मोटर हटाने की समझाइश की। अधीक्षण अभियंता बालवा ने बताया कि शहर में कई स्थानों से पानी व्यर्थ बहने की शिकायतें मिल रही थी। उन्होंने कहा कि शहर में अनावश्यक पानी बहने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराता है। आमजन को जल संरक्षण का महत्व समझाते हुए मितव्ययता से उपयोग करने की अपील की गई। कुछ नागरिकों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पानी प्रेशर से आ रहा है। इस पर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंताओं को कीमैन पर नियंत्रण रखने तथा शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आगामी गर्मी को देखते हुए अधिकारियों को फोन और व्हाट्सएप पर आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।


