शहर में अब मनचलों की खैर नहीं:महिलाओं की सुरक्षा के लिए कलिका पेट्रोलिंग यूनिट शुरू, शाम 7 बजे तक करेंगी गश्त

राजस्थान पुलिस की ओर से चित्तौड़गढ़ शहर में महिला सुरक्षा को लेकर कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शुरू हो गई है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने जिले को आवंटित 6 स्कूटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यूनिट महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग करेगी और छेड़छाड़ की घटनाओं को लगाम लगाने की कोशिश करेगी। 6 स्कूटी को हरी झंडी दिखाकर की यूनिट की शुरुआत पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों की रोकथाम ले लिए राजस्थान सरकार ने हर जिले में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट बनाने का फैसला लिया है। इसका मकसद महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकना है। यूनिट महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग करेगी। छेड़छाड़, लूटपाट और उत्पीड़न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर है। इसी क्रम में 6 स्कूटी के साथ यूनिट की शुरुआत की गई। ये स्कूटी शहर में गश्त करेंगी और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट महिलाओं और लड़कियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। उन्होंने बताया कि यूनिट के सदस्य शहर में लगातार गश्त करेंगे। वे छेड़छाड़, लूटपाट और उत्पीड़न जैसे अपराधों पर नज़र रखेंगे। ऐसी घटनाओं में तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इससे महिलाएं और लड़कियां बेझिझक बाहर निकल सकेंगी और सुरक्षित महसूस करेंगी। 70 एजुकेशन इंस्टीट्यूट पर रखेंगे निगरानी एएसपी (सिकाउ) मुकेश सांखला ने बताया कि यह यूनिट शहर के 70 एजुकेशन इंस्टीट्यूट पर निगरानी रखेंगे। यह यूनिट दो पारियों में सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 1 बजे से सांय 7 बजे तक शहर में गश्त करेगी। यूनिट मुख्य रूप से स्कूल, कॉलेज, बाजार, धार्मिक स्थल, पार्क, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले स्थान और अन्य संवेदनशील स्थानों पर युवतियों, महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़, छींटाकशी, चेन स्नैचिंग सहित अन्य घटनाओं की प्रभावी रोकथाम करेगी। यूनिट में शामिल महिला पुलिसकर्मी को स्कूटी, हेलमेट, वायरलेस सेट, नीली वर्दी मिली है। शहर के गर्ल्स स्कूलों में शिकायत पेटिका की व्यवस्था को चालू किया जायेगा, जिसमें स्कूली बालिकाएं गुप्त रूप से अपनी शिकायत का पत्र लिख कर उसमें डाल सकती हैं, जिनका उक्त यूनिट द्वारा संज्ञान लिया जाकर जल्दी निस्तारण किया जाएगा। यह पुलिसकर्मी अपना नंबर भी देंगी। ताकि सभी को मदद मिल सके।

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