जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में हुए हादसे में जान गंवाने वाले नागौर के जवान हवलदार हरिराम शहीद की पार्थिव देह कुछ देर में पैतृक गांव जायल के रालोद पहुंचेगी। पार्थिव देह शाम 4 बजे के करीब जायल पहुंचेगी। यहां से तिरंगा यात्रा मुख्य मार्गों से होकर उनके गांव राजोद जाएगी। लोगों जायल में तिरंगा यात्रा के स्टार्ट पॉइंट लीलण चौक पर लोग जुटने लगे हैं। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में शनिवार (4 जनवरी) को सेना का ट्रक खाई में गिर गया था। हादसे में राजस्थान के दो जवान शहीद हो गए। इनमें नागौर के हरिराम के अलावा बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़) के लांस नायक नितीश कुमार यादव भी थे। दोनों थल सेना में थे। हरिराम की पत्नी और मामं को आज सुबह तक उनके शहीद होने की खबर नहीं दी गई थी। घर के बाहर पसरे सन्नाटे ने सब कुछ बयान कर दिया। इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। शहीद हवलदार हरिराम की पार्थिव देह बीकानेर के नाल एयरपोर्ट से रवाना हुई। गांव पहुंचने के बाद शहीद हरिराम की सैन्य सम्मान से अंत्येष्टि की जाएगी। शहीद के गांव में पार्थिव देह आने का इंतजार किया जा रहा है। राजोद गांव में शहीद हवलदार हरिराम के घर पर रिश्तेदार और लोग जुटे हैं। पूरे गांव में माहौल गमगीन है। पार्थिव देह के आने का इंतजार किया जा रहा है। हरिराम के बड़े भाई रामेश्वर रेवाड़ ने बताया- हरिराम परिवार के प्रति बहुत समर्पित थे। हर समय परिवार की चिंता करते थे। शनिवार शाम को उनकी पत्नी के पास 13 आरआर के सीओ का फोन आया और शहादत की खबर दी। इसके बाद से घर में मातम का माहौल है। शहीद हरिराम पांच भाइयों में सबसे छोटे थे।


