शाजापुर के वार्ड क्रमांक 27 स्थित ज्योति नगर में संजीवनी क्लिनिक की इमारत बनकर तैयार हुए लगभग दो साल हो चुके हैं। हालांकि, अब तक यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। इस क्लिनिक के निर्माण पर करीब 18 लाख रुपये की लागत आई है। शहर में कुल तीन संजीवनी क्लिनिक खोले जाने थे, जिनके लिए लगभग 75 लाख रुपये का बजट निर्धारित था। लेकिन, भूमि उपलब्ध न होने के कारण दो क्लिनिकों को सरेंडर कर दिया गया। ज्योति नगर स्थित यह क्लिनिक भवन वर्तमान में झाड़ियों से घिरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को इसके तैयार होने की जानकारी भी नहीं है। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद नगर पालिका ने अभी तक इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया है। हैरानी की बात यह है कि एक सप्ताह पहले ही यहां मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति भी हो चुकी है, लेकिन हैंडओवर न होने से वे कार्यभार नहीं संभाल पा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कमला आर्य ने बताया कि भवन निर्माण की जिम्मेदारी नगर पालिका की थी। दो साल तक निर्माण कार्य चलने के बाद भी अब तक स्वास्थ्य विभाग को इसका आधिपत्य नहीं मिला है, जिसके कारण क्लिनिक शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने नगर पालिका को पत्र लिखकर जल्द से जल्द भवन हैंडओवर करने की मांग की है, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। नगर पालिका में पदस्थ इंजीनियर नेहा जोशी ने देरी का कारण बताया। उनके अनुसार, शासन से दूसरी किस्त की राशि मिलने में लगभग एक वर्ष की देरी हुई, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को फिनिशिंग कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। जोशी के मुताबिक, काम पूरी तरह पूर्ण होने के बाद ही हैंडओवर प्रक्रिया की जाएगी और एक हफ्ते के भीतर इसे हैंडओवर कर लिया जाएगा। संजीवनी क्लिनिक शुरू होने पर यहां सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सामान्य ओपीडी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इनमें गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, मलेरिया, टायफाइड, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर और मधुमेह जैसी बीमारियों की जांच शामिल है। फिलहाल, क्षेत्र के निवासी इन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं और क्लिनिक के जल्द शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वार्ड 27 स्थित ज्योति नगर में तैयार संजीवनी क्लिनिक के शुरू होने का इंतजार स्थानीय रहवासी लंबे समय से कर रहे हैं। क्षेत्र के निवासी प्रेम का कहना है कि बिल्डिंग बने एक साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। उनके मुताबिक यदि क्लिनिक चालू हो जाता है तो लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए दूर अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा और एक ही स्थान पर जांच व उपचार की सुविधा मिल जाएगी। वहीं सौरम बाई ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी कई बार निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन सिर्फ देखकर चले जाते हैं। भवन पूरी तरह तैयार है और दो-तीन बार रंगाई भी हो चुकी है, फिर भी संचालन शुरू नहीं किया जा रहा। रहवासियों का कहना है कि क्लिनिक खुलने से क्षेत्र के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा।


