इंदौर में शादी के नाम पर एक ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी ने एक ट्रांसपोर्टर महिला के साथ धोखाधड़ी की है। इस मामले में पुलिस ने युवक, उसके पिता और मां को आरोपी बनाया है और जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, 34 वर्षीय पीड़िता, जो तलावली चांदा की निवासी हैं, ने सागर गोगडे (विजयनगर स्कीम नंबर 114) और उसके माता-पिता बसंत और सावित्री के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता पेशे से ट्रांसपोर्टर हैं और उनकी मुलाकात सागर से एक शादी समारोह में हुई थी, जहां दोनों ने एक-दूसरे से नंबर शेयर किए थे। सागर ने खुद को बीमा एजेंट बताते हुए कहा कि वह बड़े पैमाने पर काम करता है और उसकी कमाई लाखों में है। इस दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी, और सागर ने अपनी मां और पिता से पीड़िता को मिलवाया। हालांकि, जब पीड़िता ने शादी से इनकार किया, तो सागर ने अपने पुश्तैनी संपत्ति और नशे से बचने की बात कर उसे शादी के लिए राजी किया। लेकिन पीड़िता को जल्द ही पता चला कि सागर पहले से शादीशुदा है और अपनी पत्नी से अलग हो चुका है। इस पर पीड़िता ने सागर से संबंध तोड़ दिए और उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। हालांकि, सागर के दोस्तों ने उसे समझाया कि सागर लाखों रुपये कमाता है और उसे खुश रखेगा, तो पीड़िता ने फिर से शादी के लिए हामी भर दी। इसके बाद सागर ने पीड़िता को अपने घर बुलाया और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। सागर ने पीड़िता से पैसे उधार लिए और ऐशो आराम की चीजें खरीदीं। कुछ दिनों बाद, जब पीड़िता ने शादी के बारे में पूछा, तो मई 2022 में दोनों ने खजराना मंदिर में दोस्तों के सामने शादी की। शादी के बाद सागर ने शराब और ड्रग्स की आदत डाल ली और इसके लिए पैसे की मांग पीड़िता से की। सागर ने खुद को जान का खतरा बताते हुए कई दिनों तक घर छोड़ दिया और फिर आना बंद कर दिया। जब पीड़िता ने सास-ससुर से जानकारी ली, तो उन्होंने सागर के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही। लगातार संपर्क करने पर सागर का फोन बंद मिला। पीड़िता ने बताया कि सागर ने साल 2020 से लेकर 2024 तक लगभग 30 लाख रुपए धोखाधड़ी से ले लिए थे। परेशान होकर पीड़िता ने डीसीपी से शिकायत की, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।


