भास्कर न्यूज | बालोद जिला सेन समाज की बैठक बंजारी धाम जुंगेरा में हुई। जहां जिले के सभी ब्लॉक, इकाई एवं महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, महिला प्रतिनिधि और युवा वर्ग ने समाज में एकता, अनुशासन और सामाजिक उत्थान की दिशा में ठोस निर्णय लिया। विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा के बाद समाज सुधार से जुड़े कई निर्णय सर्वसम्मति से पारित किए गए। समाज ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए तय किया कि किसी भी पुत्र या पुत्री के विवाह में विधवा माता को मौर सौंपने सहित सगाई व विवाह की सभी प्रमुख रस्मों में सम्मानपूर्वक सहभागी बनाया जाएगा। सगाई के बाद विवाह से पहले लड़का-लड़की के बीच मोबाइल पर निजी बातचीत पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। आवश्यक संवाद माता-पिता या अभिभावक की उपस्थिति में ही होगा। समाज के किसी भी सदस्य द्वारा धर्म परिवर्तन करने की स्थिति में सामाजिक स्तर पर कठोरतम कार्रवाई का निर्णय लिया गया। सेन समाज के सदस्य अन्य समाज या धर्म के सैलून, ब्यूटी पार्लर अथवा समान प्रतिष्ठानों में काम नहीं करेंगे। उल्लंघन की स्थिति में समाज की अनुशासन समिति कार्रवाई करेगी। मृत्यु भोज में रोक लगाते हुए केवल सादगीपूर्ण भोजन दाल, भात, सब्जी रखने का निर्णय लिया गया। कलेवा कार्यक्रम में फिजूलखर्ची रोकने पर भी सहमति बनी। किसी परिवार में मृत्यु होने पर कफन ओढ़ाने की परंपरा के स्थान पर समाज के सदस्य नकद राशि देकर सहयोग करेंगे। ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक सैलून संघ का गठन किया जाएगा, जो जिला संगठन के नियमों के अंतर्गत कार्य करेगा। समाज ने महिला सशक्तिकरण के लिए सभी स्तरों पर महिला संगठन बनाने का निर्णय लिया। महिलाओं के लिए विशेष सम्मेलन आयोजित होंगे, जिसमें समाज की विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, महिलाओं के लिए सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण तथा दोना-पत्तल निर्माण जैसे स्वरोजगार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। सामाजिक विवादों या प्रकरणों के समाधान में अब महिलाओं की सहभागिता निश्चित की जाएगी। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि सेन समाज अपने संस्कार, अनुशासन और एकता को और अधिक सशक्त बनाए रखेगा। आगामी समय में ब्लॉक एवं इकाई स्तर पर भी इसी प्रकार की बैठके आयोजित कर इन निर्णयों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।


