चिरमिरी | छायावाद के प्रमुख स्तंभ व हिंदी साहित्य के महाप्राण कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती पर शासकीय लाहिड़ी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आरती तिवारी के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों व प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर निराला को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत निराला के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। बीए अंतिम वर्ष की छात्रा कु. मधु सेन ने उनके जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए उनके संघर्षमय जीवन, स्वाभिमानी व्यक्तित्व और साहित्यिक योगदान की जानकारी दी। एमए चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा अमृता ने उनकी प्रसिद्ध कविताओं का प्रभावशाली काव्यपाठ कर सभी को भावविभोर कर दिया। विद्यासागर राउत ने निराला की रचनात्मकता और भाषा शैली पर विचार व्यक्त किए। हिंदी विभाग के डॉ. रामफल पाल ने उनकी प्रगतिवादी चेतना और सामाजिक सरोकारों को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम का संचालन भागवत प्रसाद जांगड़े ने किया। इस अवसर पर अनुराधा सहारिया, नीलम द्विवेदी, डॉ. उमाशंकर मिश्र, डॉ. रामनारायण पनिका, विजय सिंह बघेल आदि मौजूद रहे।


