भास्कर न्यूज | सुकमा प्रदेश के वन मंत्री व सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री के समक्ष बंडा और कन्हईगुड़ा तक सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और निर्माण काम में लापरवाही की शिकायत पहुंची। उन्होंने त्वरित संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई और सड़क का अवलोकन करने का निर्देश दिया। कोंटा ब्लॉक के बंडा से कन्हईगुड़ा की दो किमी लंबी सड़क का निर्माण करवाया था। सड़क निर्माण काम को हरी झंडी 2021-22 में दी गई थी, लेकिन 2024 में काम शुरू हुआ और मार्च में खत्म हुआ। आठ माह बीतने से पहले ही अब सड़क की हालत खराब हो चुकी है। सड़क की लागत 1.37 करोड़ थी, लेकिन ठेकेदार ने 1.60 करोड़ में सड़क निर्माण का काम लिया। सड़क निर्माण में ठेकेदार को अब तक 1 करोड़ की राशि भुगतान किया जा चुका है। वनमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि ग्रामीण सड़कों की निगरानी ठीक से करें। धरातल पर योजनाओं का क्या हाल है, ग्रामीणों को इसका कितना लाभ मिला है। प्रशासनिक अधिकारी भौतिक रूप से इसकी जानकारी लेकर प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण की भावना से कार्य कर रही है जो भी अधिकारी या ठेकेदार शासन को बदनाम करने की नियत से कार्य करेगा उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


