संगीत आश्रम संस्थान की ओर से चल रहे तीन दिवसीय शास्त्रीय संगीत समारोह के दूसरे दिन गुरुवार को कोलकाता के कलाकार देबदीप मिश्रा का एकल गायन हुआ। इस कलाकार ने घरानेदार गायकी की खुशबू से संस्थान परिसर को महका दिया। उन्होंने सुरों के खूबसूरत लगाव व ठहराव से विभिन्न रागों का सौन्दर्य छलकाया। उन्होंने तीन ताल में निबद्ध राग यमन का छोटा ख्याल आओ आओ बलमा…को पूरे मनोयोग से पेश किया। फिर राग हंस ध्वनि के राग सुर साधे। उन्होंने इस राग की रचना लागी लगन सती पति सन…की प्रस्तुति दी। इसके बाद कलाकार देबदीप मिश्रा ने राग केदार और राग जोग की तीन ताल में निबद्ध बंदिशों की दिलकश प्रस्तुतियों से मौजूद श्रोताओं को आनंदित कर दिया। तबले पर सुनील सिंह तंवर, हारमोनियम पर हरीश नागौरी ने प्रभावी संगत की। संचालन वीना अनुपम ने किया। संस्था सचिव अमित अनुपम ने बताया- समारोह के आखिरी दिन शुक्रवार को शास्त्रीय नृत्य संध्या संजोई जाएगी। इसमें संस्थान की अनेक बाल व युवा कलाकार जयपुर घराने के शुद्ध पारंपरिक कथक की प्रस्तुति देंगी।


