शास्त्रों को समझने के लिए गुरु ज्ञान जरूरी

भास्कर न्यूज | जालंधर किशनपुरा स्थित कालिका धाम में शनिवार को मां चंडी का श्रद्धापूर्वक हवन किया गया। धाम के अध्यक्ष आचार्य इंद्रदेव की अध्यक्षता में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। आचार्य ने आध्यात्मिक जीवन में गुरु की महत्ता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल शास्त्रों के अध्ययन मात्र से आध्यात्मिक तृप्ति संभव नहीं है। शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों और सत्य को समझने के लिए एक योग्य गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि “गुरु के बिना प्रभु की भक्ति और शास्त्र शहद की उस बंद बोतल की तरह हैं, जिसे बिना खोले, उसका स्वाद नहीं लिया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पास अभी गुरु नहीं है तो भी उसे भक्ति नहीं छोड़नी चाहिए। निरंतर पूजा करने से प्रभु स्वयं मार्ग प्रशस्त करते हैं और सही समय पर गुरु से मिलाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु सदा सद्मार्ग पर चलाने वाले होते हैं। गुरु के बिना गति नहीं होती। धर्म के मार्ग पर चलाने में गुरु ही सहायक होते हैं। इसलिए हमें गुरु की शरण में रहना चाहिए। अंत में भक्तों ने दरबार में माथा टेका और प्रसाद ग्रहण किया। कालिका धाम में हवन के दौरान मौजूद श्रद्धालु।

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