पंजाब के शाही इमाम उस्मान लुधियानवीं पर हुए हमले के बाद अब उनके चाचा अतीक उर रहमान लुधियानवीं का पक्ष सामने आया है। अतीक ने कहा कि शाही इमाम पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है। असल बात यह है कि शाही इमाम ने अपने चाचा उबैद उर रहमान की दुकान पर कब्जा किया हुआ है। शाही इमाम और उनके साथियों ने मारपीट की है। अतीक रहमान ने कहा कि शाही इमाम उस्मान रहमानी के इशारे पर हमला कराया गया और बाद में सच्चाई दबाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया। चाचा ने लगाए मारपीट और दाढ़ी खींचने के आरोप आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 1 फरवरी को शाही इमाम के कथित लोगों ने उनके सदस्य उबेद उर रहमान और उनके नाबालिग बेटे अहमद रहमानी पर जानलेवा हमला किया। इस हमले में उबेद उर रहमान की उंगली फ्रैक्चर हो गई, जबकि उनके बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसकी दाढ़ी तक खींची गई। दोनों पिता-पुत्र सड़क पर गिरकर बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसका मेडिकल रिकॉर्ड डिवीजन नंबर 2 थाने में जमा करवाया जा रहा है। सुलह होने के बावजूद हुआ मामला दर्ज घटना के बाद शहर के प्रतिष्ठित और निष्पक्ष लोग जिनमें गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के प्रधान प्रीतपाल सिंह, डॉ. सिराजुद्दीन बाली और उद्योगपति हरबीर सिंह बीरा ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर सुलह करवाई। लेकिन अब 4 फरवरी 2026 को शाही इमाम ने चुपचाप डिवीजन नंबर 2 थाने में पीड़ित परिवार के खिलाफ झूठा पर्चा दर्ज करवा दिया। परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगने दी गई। मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब 8 फरवरी 2026 को अचानक टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर यह खबरें चलने लगीं कि “शाही इमाम पर हमला हुआ है”।


