राजस्थान की भजनलाल सरकार ने 1 से 10 जनवरी तक प्रदेशभर में ट्रांसफर पर लगे बहन को हटा दिया है। लेकिन शिक्षा विभाग उच्च शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग में फिलहाल बेन पर प्रतिबंध लागू है। जिसको लेकर अब शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षक संघ ने मांग की है कि जल्द से जल्द नई नीति के तहत प्रदेश में शिक्षकों के ट्रांसफर किए जाएं। अगर सरकार ने समय रहते ऐसा नहीं किया। तो मजबूरन शिक्षकों को आंदोलन की राह पर आगे बढ़ना पड़ेगा। राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार ने ट्रांसफर से बना हटकर एक और जहां सरकारी कर्मचारियों को राहत दी है। लेकिन प्रदेशभर के लाखों शिक्षक अब भी इस राहत से महरूम है। ऐसे में वार्षिक परीक्षा से पहले सरकार प्रत्येक श्रेणी के शिक्षकों को ट्रांसफर का मौका देना चाहिए। इसके साथ ही प्रदेश में एक स्थाई ट्रांसफर पॉलिसी भी तैयार की जानी चाहिए। जो पिछली सरकार नहीं कर पाई थी। इसके साथ ही गर्मियों की छुट्टी के बाद एक नई पॉलिसी के तहत प्रदेश में ट्रांसफर करने चाहिए। जिसमें ग्रेड थर्ड के शिक्षकों को भी जोड़ा जाना चाहिए। क्यों कि ग्रेड थर्ड के शिक्षकों का पिछले लंबे वक्त से ट्रांसफर नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते ऐसा नहीं किया। तो मजबूरन प्रदेश के शिक्षकों को आंदोलन के राह पर आगे बढ़ना पड़ेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौजूदा सत्र में फिलहाल शैक्षणिक कार्य जारी है। ऐसे में वार्षिक परीक्षा से पहले ट्रांसफर होने से स्टूडेंट्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए फिलहाल ट्रांसफर पर प्रतिबंध रखा गया है। वहीं आने वाले दिनों में रीट परीक्षा का आयोजन भी होने जा रहा है। ऐसे में आखिरी वक्त पर ट्रांसफर करने से परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था में भी समस्या आ सकती थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए फिलहाल कुछ वक्त के लिए शिक्षा विभाग के ट्रांसफर नहीं किए जाएंगे। लेकिन भविष्य में नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत प्रदेशभर में शिक्षकों के ट्रांसफर जरूर होंगे।


