रांची | शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई हुई। इसके बाद जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। टेट से संबंधित जितने भी मामले थे, उसे क्लब कर सुनवाई की जा रही थी। इसमें मामले प्रमुख है। पहला सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में नई नियुक्ति और प्रमोशन में टेट की अनिवार्यता और दूसरा अल्पसंख्यक प्रारंभिक विद्यालयों में नई नियुक्ति और पदोन्नति में टेट की अनिवार्यता शामिल है। पहले मामले में निर्णय लिया लिया जा चुका है कि प्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षकों की नई नियुक्ति और प्रमोशन के लिए टेट अनिवार्य है। अल्पसंख्यक विद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति और प्रमोशन मामले में गुरुवार को अंतिम सुनवाई हुई।


