भास्कर न्यूज | जालंधर सर्वहितकारी शिक्षा समिति, पंजाब का वार्षिक उत्सव विद्या धाम में संपन्न हुआ। इस उत्सव में अखिल भारतीय विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिव कुमार मुख्य वक्ता थे।उन्होंने कहा कि ‘पंजाब की पवित्र धरती ज्ञान के साथ साथ अपने शौर्य के लिए भी विश्व में प्रसिद्ध है। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की प्रांतीय ईकाई सर्वहितकारी शिक्षा समिति, पंजाब भी इसी ज्ञान के प्रसार में लगी हुई है। विद्या भारती का लक्ष्य शिक्षा के साथ देशभक्ति के संस्कार छात्रों को देना है। विद्या भारती का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य धन और नौकरी के साथ ही ऐसे देशभक्त नागरिकों का निर्माण करना भी है, जो भारतीयता के संस्कार के साथ संपूर्ण विश्व में जाकर मानवता को संबल प्रदान करें। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी धारणा बनी हुई है कि शिक्षा में धर्म को नहीं लाना चाहिए। लेकिन धर्महीन शिक्षा संस्कार युक्त नहीं होगी। धर्म से ही संस्कार का निर्माण होगा। इस वार्षिक उत्सव में पंजाब के सर्वहितकारी विद्या मंदिरों की 44 अध्यापिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के कारण सम्मानित किया गया। इस उत्सव में उन अध्यापिकाओं को भी सम्मानित किया, जो शाम को दो घंटे के लिए ऐसे बच्चों को शिक्षा देती हैं, जो अत्यंत गरीब या बेसहारा हैं। इस उत्सव के साथ देश की रंग बिरंगी संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए अनेक कार्यक्रम भी संपन्न हुए। अध्यापिकाओं ने सरस्वती वंदना, मनमोहक स्वागत गीत, हरियाणवी, हिमाचाली, गिद्दा और मराठी नृत्य प्रस्तुत कर रंगीन छटा विखेर दी।इस मौके पर दीदी ब्रिज मोहिनी, दीदी अंजू शर्मा, प्रधानाचार्य विजय आनंद, वित्त सचिव ठाकुर विजय, सतपाल बंसल, अछ्विंदर गोयल, कमल संधू व जयदेव बातिश, सुभाष महाजन, संगठन मंत्री राजेंद्र कुमार, प्रकाशन सोसाइटी के अध्यक्ष हनी संगर व महामंत्री मुनीश शर्मा, मनदीप तिवारी आदि मौजूद रहे।


