शहर के नजदीक ऐतिहासिक एवं प्राचीन धार्मिक नगरी झालरापाटन में फोरलेन के पास गायत्री चेतना केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। केंद्र में पहले स्कूल और बाद में कॉलेज का संचालन होगा। जहां स्टूडेंट को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक धार्मिक संस्कार का ज्ञान भी दिया जाएगा। यह केंद्र 16 बीघा भूमि में बनाया जा रहा है। वहीं, देव संस्कृति कॉलेज के नाम से राजस्थान में यह पहला कॉलेज होगा। अब तक राजस्थान में एक भी कालेज नहीं है। गायत्री शक्तिपीठ के उप मुख्य ट्रस्टी शैलेंद्र यादव ने बताया कि करीब डेढ़ दशक पहले यहां 16 बीघा जमीन खरीदी थी। जिसे उन्होंने गायत्री चेतना केंद्र निर्माण के लिए खरीदा था। उन्होंने कहा कि श्रद्धा विश्वास का बीज बोना हमारा मुख्य लक्ष्य होगा और इसी लक्ष्य को लेकर यहां पर चेतना केंद्र का निर्माण कार्य शुरू किया है। जिसके वर्ष 2025 के अंत तक पूरा होने की पूरी पूरी उम्मीद है। यादव ने बताया कि चेतना केंद्र निर्माण के लिए इस जमीन का झालरापाटन नगर पालिका से भू रूपांतरण कराया है और अब इसमें 25 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर दो मंजिला स्कूल भवन का निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया है। इसमें दसवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए अंग्रेजी माध्यम शिक्षा की सुविधा शुरू रहेगी। वर्तमान में अंग्रेजी माध्यम स्कूल काफी महंगे है। जिसमें अपने बच्चों को पढाना हर व्यक्ति के बस की बात नहीं है। इसी भावना को लेकर यहां पर स्कूल की स्थापना की जा रही है। जिसमें बच्चों को अन्य अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के मुकाबले उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षकों के माध्यम से कम फीस पर पढ़ने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बच्चों को घर से स्कूल तक लाने ले जाने के लिए बस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। कार्य पर करीब चार करोड़ की लागत आ गई है, यहां बनाए जा रहे प्रिंसिपल कक्ष वातानुकूलित होंगे। 30 कमरे बनाए जा रहे हैं
गायत्री परिवार के ट्रस्टी और सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र यादव ने बताया कि यहां 30 कमरे बनाए गए है। जो 600 स्क्वायर फीट का एक कमरा है। इसमें ऑफिस जन सुविधा का निर्माण किया गया है। प्रार्थना स्थल साढ़े सात हजार स्क्वायर फीट का रहेगा, जबकि खेल मैदान 50 हजार स्क्वायर फीट में चिह्नित है। यहां आठ लेटबाथ है, जो 20 * 30 की साइज में बनाए गए हैं। एक साथ यहां गर्ल्स-बॉयज एक साथ 200 से 300 बच्चे लेट बाथ का उपयोग कर सकेंगे। पूरा परिसर सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। गायत्री चेतना केंद्र परिसर का पूरा नक्शा ट्रस्टी शैलेंद्र यादव ने तैयार कराया है, जो ऐसे देखने पर लगता है ,जैसे कोई स्कूल कॉलेज नहीं धार्मिक शिक्षण संस्था है। बच्चों में अच्छे संस्कार देने के लिए भी चलेगा पीरियड
आज की नई युवा पीढ़ी में अच्छे संस्कार घटते जा रहे हैं, इसको देखते हुए यहां विद्यालय और कॉलेज संचालन के दौरान एक पीरियड अच्छे संस्कार देने के लिए भी चलाया जाएगा। इसमें गायत्री मंत्र से भी बच्चों को जोड़ा जाएगा। वहीं, उनमें अच्छे संस्कार डालने के लिए स्कूल और कॉलेज की टीम उनके परिजनों से भी समय-समय पर बात कर बच्चों के संस्कारों के बारे में जानकारी जुटाएगी।


